डॉक्टरों का कहना है कि जो लोग डेंगू से दूसरी बार संक्रमित होंगे, उनमें गंभीर होने की आशंका सबसे ज्यादा है। इस साल बारिश का दौर समय से पहले ही शुरू हो गया है। ऐसे में कुछ लोग पहले ही संक्रमित होकर ठीक हो गए, यदि वह फिर से संक्रमित होते हैं तो स्थिति बिगड़ सकती है।
इस बारे में एम्स में कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर व रोग निवारण प्रतिक्रिया प्रकोप सेल (डीपीआरओसी) के नोडल अधिकारी डॉ. संजय के राय ने कहा कि बारिश के बाद मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इस बार बारिश ज्यादा हो रही है, ऐसे में मामले बढ़ने की आशंका है। उन्होंने कहा कि डेंगू से बचाव के लिए अभी कोई दवाई नहीं है, केवल बचाव ही करना होगा। ऐसे में हमें देखना होगा कि आसपास कोई कृत्रिम तौर पर पानी जमा न हो। यदि कही पानी जमा होता है तो उसे तुरंत हटाना पड़ेगा। इसे लेकर विशेष तौर पर जागरूकता के लिए एम्स काम करेगा। उन्होंने कहा कि एम्स में अभी एक-दो मामले आ रहे हैं, लेकिन कोई गंभीर नहीं है।
15 दिन में बढ़ सकते हैं मामले
लोकनायक अस्पताल के निदेशक डॉ. सुरेश कुमार ने कहा कि अस्पताल में डेंगू के अभी दो मरीज भर्ती हैं। अस्पताल में अभी लक्षण के साथ आ रहे मामलों में डेंगू के केस कम हैं, लेकिन अगले 15 दिन में मामले तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि पिछले दो दिनों में जो बारिश हुई है उसका असर आने वाले दिनों में दिखेगा।
निजी अस्पतालों में ज्यादा मामले
निजी अस्पताल में इंटरनल मेडिसिन विभाग के डॉ. अनुराग सक्सेना ने कहा कि कुछ दिनों से अस्पताल में रोज 10 से 15 मामले इन लक्षणों के साथ आ रहे हैं। इनमें जांच में 5 से 6 केस डेंगू के मिल रहे हैं। अन्य मामले वायरल फ्लू के हैं। इनकी बढ़ती संख्या चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि तेज बुखार, गंभीर सिरदर्द, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द जैसे गंभीर लक्षणों के साथ अस्पताल पहुंच रहे 7 से 8 मरीजों को एक समय के लिए अस्पताल में भर्ती करना पड़ रहा है।
इस सप्ताह आए 14 नए मामले
दिल्ली नगर निगम के अनुसार, इस सप्ताह डेंगू के 14 नए मामले सामने आए। दिल्ली में इस साल 135 मामले आ चुके हैं। जुलाई के शुरुआती 10 दिन में ही 14 मामले आ गए हैं। निगम के अनुसार, इस सप्ताह मलेरिया के 5 नए मामले सामने आए। अभी तक इस साल 43 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं चिकनगुनिया के दो नए मामले सामने आए। अभी तक 13 नए मामले सामने आ चुके हैं।