सरकारी स्कूल शिक्षक संघ ने सीबीएसई को लिखा पत्र, जताई आपत्ति
पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू करने की मांग
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने इस बार से 12वीं की उत्तरपुस्तिकाओं का अनिवार्य डिजिटल मूल्यांकन शुरू किया है। इसका दिल्ली के सरकारी स्कूलों के शिक्षक संघ ने विरोध किया है। संघ का कहना है कि बिना पर्याप्त प्रशिक्षण के व्यवस्था को लागू करने से परिणामों में गलतियों की संभावना है। संघ ने इस संबंध में सीबीएसई को पत्र लिख लिखा है। संघ के महासचिव अजय वीर यादव ने कहा कि अधिकतर शिक्षकों को डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली का प्रशिक्षण नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों में डिजिटल दक्षता की कमी से कई प्रधानाचार्य और अन्य अधिकारी डिजिटल कार्यों के लिए आईटी असिस्टेंट पर निर्भर रहते हैं। संघ ने सीबीएसई को भेजे पत्र में डिजिटल मूल्यांकन को अनिवार्य रूप से लागू करने के बजाय पायलट प्रोजेक्ट के रूप में संचालित करके की मांग की है। ब्यूरो