निगम सदन की बैठक में शनिवार को लोकल शॉपिंग कांप्लेक्स की डी-सीलिंग का प्रस्ताव बिना चर्चा के पास हो गया। हंगामे के कारण महज आधे घंटे में बैठक स्थगित कर दी गई। मेयर डॉ. शैली ओबरॉय ने सदन की कार्यवाही शुरू कराई, लेकिन विपक्षी दल भाजपा ने यह कहते हुए विरोध किया कि जब सुप्रीम कोर्ट की ज्यूडिशियल कमेटी ने दुकानों को डी-सील करने का निर्णय सुना दिया है तो इसके लिए विशेष बैठक बुलाने की क्या जरूरत थी। हंगामे के बीच मेयर ने निगम आयुक्त ज्ञानेश भारती को निर्देश दिया कि वे दुकानें डी-सील करने की प्रक्रिया जल्द शुरू कराएं।
नेता विपक्ष राजा इकबाल सिंह ने सदन में मेयर से सवाल किया कि ज्यूडिशियल कमेटी का निर्णय आए 100 घंटों से ज्यादा का समय बीत गया है, लेकिन अब तक एक भी दुकान डी-सील नहीं की गई। शुक्रवार को अमर कॉलोनी मार्केट में 11 दुकानें निगम ने सील कर दीं। भाजपा पार्षद इस बीच बैनर पोस्टर लहराते रहे। मेयर ने लोगों से शांत होकर चर्चा में हिस्सा लेने की अपील की। हंगामा शांत नहीं होने पर उन्होंने 10 मिनट के लिए सदन को स्थगित कर दिया। मेयर दोबारा सदन में आईं, लेकिन हंगामा जारी रहा। इसके बाद उन्होंने सदन को स्थगित करने का निर्णय लिया।
भाजपा ने सदन नहीं चलने दिया : मेयर
मेयर ने पार्टी कार्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि फिर से भाजपा ने सदन की बैठक चलने नहीं दी। छह साल पहले नौ बाजारों में लोकल शॉपिंग कांप्लेक्स की दुकानों को सील किया गया था। दुकानों को डी-सील करने के लिए अधिकारियों को आदेश देने के लिए आप पार्षद प्रदीप मित्तल और प्रवीण राजपूत प्रस्ताव लेकर आए थे, लेकिन जब से आम आदमी पार्टी की सरकार निगम में बनी है भाजपा ने हर बार सदन में हंगामा किया है। भाजपा 15 साल निगम की सत्ता में रहकर दिल्ली की जनता, एमसीडी कर्मचारियों और व्यापारियों के लिए कुछ नहीं कर पाई।
आप की मंशा दुकानें डी-सील कराने की नहीं : नेता विपक्ष
नेता विपक्ष ने प्रेसवार्ता में कहा कि यदि सच में आप की मंशा दुकानों को डी-सील कराने की होती तो मेयर सदन की कार्रवाई में निगमायुक्त से कहलवातीं कि भविष्य में दिल्ली में कोई भी दुकान सील नहीं होगी और कहीं भी तोड़फोड़ नहीं होगी। उन्होंने निगम में आप सरकार पर अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर भ्रष्टाचार करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ज्यूडिशियल कमेटी के रिपोर्ट के अनुसार दुकानें तुरंत डी-सील हो जानी चाहिए थीं। 24 घंटे के अंदर सभी लोकल शॉपिंग कांप्लेक्स की दुकानें डी-सील करने की मांग की और साथ ही पूरी दिल्ली में सालों से सील दुकानों को भी डी-सील करने की अपील की।