दिल्ली विश्वविद्यालय की संस्कृति परिषद की ओर से कॉलेजों में जी-20 के कार्यक्रमों का आगाज हो गया। तीन महीने तक चलने वाले इन कार्यक्रमों में कल्चरल कम अकादमिक एक्टिविटी के तहत पहले कार्यक्रम का आयोजन दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज में किया गया। इस अवसर पर एडीसी और महालेखा परीक्षक राजवीर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में डीयू संस्कृति परिषद के चेयर पर्सन अनूप लाठर और संस्कृति परिषद के डीन प्रोफेसर रविंदर कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस दौरान सम्मानित अतिथि के रूप में कोरियोग्राफर और शास्त्रीय नर्तक गुरु कनिका घोष उपस्थित रहीं। इस अवसर पर मुख्यातिथि राजवीर सिंह ने अंग्रेजों द्वारा विकसित किए गए शैक्षिक एवं शैक्षणिक पाठ्यक्रम को बदलने की आवश्यकता पर जोर दिया। संस्कृति परिषद के चेयर पर्सन अनूप लाठर ने कहा कि भारत को महाशक्ति बनने के लिए वर्तमान समय में नई तकनीक और नए विचारों को अपनाना होगा। संस्कृति परिषद के डीन प्रोफेसर रविंदर कुमार ने युवा पीढ़ी का मार्गदर्शन करने के लिए डीयू द्वारा की गई महत्वपूर्ण पहल और निर्णयों पर चर्चा की। उन्होंने जी-20 की अध्यक्षता में भारत की यात्रा और इसके महत्व पर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम का मुख्य फोकस भारत अमेरिका संबंधों पर रहा।
इस अवसर पर संगीत के साथ-साथ शास्त्रीय और अमेरिकी नृत्य शैलियों वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी प्रस्तुतियां दी गई। एक पैनल डिस्कशन भी हुआ। दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज के कार्यवाहक प्रिंसिपल प्रो. हेम चंद जैन ने कार्यक्रम में भारत-अमेरिका के बीच शिक्षा के क्षेत्र में नवीन पहलों पर प्रकाश डाला। मालूम हो कि जी-20 में भारत की अध्यक्षता को लेकर डीयू ने भी कार्यक्रमों के आयोजन की योजना बनाई है। इसके तहत डीयू कल्चर काउंसिल द्वारा 29 नवम्बर तक विभिन्न कॉलेजों और विभागों में कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।