अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि चुनाव में हार-जीत लगी रहती है। कभी वो जीतते हैं तो कभी हम जीतते हैं, लेकिन देश और जनतंत्र नहीं हारना चाहिए। पार्टियां आती-जाती रहती हैं, नेता आते-जाते रहते हैं, मेयर आते-जाते रहते हैं। मुद्दा यह नहीं है कि आम आदमी पार्टी का मेयर बनना था, लेकिन नहीं बना। मुद्दा यह भी नहीं है कि इंडिया गठबंधन को चंडीगढ़ मेयर चुनाव में जीतना था और वो नहीं जीत सका। मुद्दा यह है कि भाजपा ने सरेआम बेइमानी की और चंडीगढ़ मेयर का चुनाव जीत लिया है। अगर पूरे देश ने मिलकर भाजपा की बेइमानी को नहीं रोका तो यह बहुत खतरनाक है।
उन्होंने कहा कि दो साल पहले चंडीगढ़ नगर पालिका के समस्त 36 वार्डों के चुनाव हुए थे। तब 13 में आम आदमी पार्टी, सात कांग्रेस, 15 भाजपा और एक अकाली दल का पार्षद जीता था। अकाली दल का पार्षद भाजपा के साथ है। इस तरह भाजपा के पास 16 पार्षद हैं। अभी तक कांग्रेस और आम आदमी पार्टी अलग-अलग चुनाव लड़ते थे। इसलिए पिछले दो साल से भाजपा का ही मेयर और डिप्टी मेयर बनता था। इस बार इंडिया गठबंधन के तहत कांग्रेस और आम आदमी पार्टी साथ आ गई। इस तरह इंडिया गठबंधन के 20 और भाजपा के 16 पार्षद है और इंडिया गठबंधन की जीत स्पष्ट थी, मगर उनके पार्षदों को खरीदने, डराने-धमकाने की बहुत कोशिश की, लेकिन एक भी पार्षद नहीं टूटा और मंगलवार को मेयर का चुनाव हुआ और कोर्ट के निर्देशों के बावजूद भाजपा ने बेइमानी की। पीठासीन अधिकारी ने किसी भी एजेंट को अपने पास नहीं आने दिया और खुद सारी वोट लेकर बैठ गए। बकायदा कैमरे के अंदर दिखाई दे रहा है कि किस तरह से उसने इंडिया गठबंधन के वोट को टिक मार्क करके उसकाे अमान्य घोषित कर रहे हैं।
केजरीवाल को लोकतंत्र की हत्या कहते देखना हास्यास्पद: सचदेवा
नई दिल्ली। प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि आप एमसीडी की स्थाई समिति, वैधानिक समितियों के साथ ही वार्ड समितियों के चुनाव नहीं करा रही है। इस तरह आप ने लोकतंत्र की हत्या कर रखी है। वहीं अरविंद केजरीवाल को चंडीगढ़ के मेयर चुनाव में अपनी पार्टी की हार को लोकतंत्र की हत्या कहते देखना हास्यास्पद है। वह हर चुनावी हार के तुरंत बाद विक्टिम कार्ड खेलते है। चंडीगढ़ मेयर का चुनाव एक छोटा चुनाव है, मगर तीन सप्ताह से आप सांसद राघव चड्ढा सहित आप के अन्य नेताओं ने इसे केवल अपनी पार्टी का ही नहीं, बल्कि पूरे इंडिया गठबंधन का प्रतिष्ठा चुनाव बना लिया।