मार्ग के बदलाव होने पर सात दिन पूर्व सूचना देनी होगी
दिल्ली की सड़कों पर जल्द ही लग्जरी प्रीमियम बसें दौड़ती नजर आएंगी। इन बसों को चलाने से ऑफिस और कामकाज के लिए रोजाना अप-डाउन करने वाले लोगों को बेहतर यात्रा का अनुभव देना है। इनके रूट का निर्धारण सरकार नहीं करेगी, बल्कि ट्रैफिक के आधार पर एग्रीगेटर करेंगे। वहीं, मार्ग के बदलाव होने पर सात दिन पूर्व यात्रियों को सूचना देनी होगी। एग्रीगेटर और परमिटधारक को यात्रियों को केवल अधिसूचित बस क्यू शेल्टर में ही सवारियां लेना और उतारना होगा।
सेवा का लाभ उठाने से पहले कंपनी को पूरा विवरण देना होगा
इन बसों में एप व वेब से ही टिकट की बुकिंग होगी और सभी को सीट मिलेगी। यात्रियों से टिकट का शुल्क इलेक्ट्रॉनिक व डिजिटल भुगतान माध्यम से लिया जाएगा। इस सेवा का लाभ उठाने से पहले कंपनी को एप व वेबसाइट पर अपना पूरा विवरण देना होगा। किराया, यात्रा का मार्ग और कर्मचारियों की तैनाती के बारे में बताना होगा। यात्रा के शुरू होने के बाद बीच में भी यात्री बिठाए जा सकेंगे, बशर्ते स्टॉपेज पर पहुंचने से 10 मिनट पहले बुकिंग की गई हो। सफर के दौरान नाम, आयु और लिंग यात्रा के दौरान प्रदर्शित होंगे। बिना सूची में नाम शामिल किए किसी भी यात्री को सफर करने की इजाजत नहीं होगी। सभी बुकिंग वन दिल्ली एप से लिंक करनी होगी।
12 यात्रियों की बैठने की होगी क्षमता
योजना के तहत 12 से अधिक यात्रियों की बैठने की क्षमता वाली बस ही प्रीमियम बस सेवा में शामिल होंगी। परिवहन विभाग उन्हीं कंपनियों या एग्रीगेटर को बस सेवा शुरू करने की अनुमति देगा, जिनके पास सार्वजनिक बस सेवा संचालित करने का तीन साल का अनुभव होगा।
महिला यात्रियों की सुरक्षा करनी होगी सुनिश्चित
योजना के मुताबिक, एग्रीगेटर को महिला यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने होंगे और बसों के मोबाइल एप व वेब आधारित एप्लीकेशन पर एक पैनिक बटन सहित त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र मुहैया कराना होगा, जो हर समय काम करना चाहिए। इसके अलावा शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेंस (एपीआई) आधारित तौर-तरीके भी शामिल करने होंगे।
तीन वर्ष से अधिक की पंजीकरण तिथि वाली बसें नहीं होंगी शामिल
लाइसेंस धारक को यह सुनिश्चित करना होगा कि योजना के लिए जारी अधिसूचना की तारीख से तीन साल से अधिक की पंजीकरण तिथि वाली किसी भी प्रीमियम बस को योजना में शामिल नहीं किया जाएगा। इसके अलावा योजना में शामिल होने के लिए किसी भी नई प्रीमियम बस को मौजूदा उत्सर्जन नियमों का पालन करना होगा। फिर चाहे सीएनजी वाली वातानुकूलित बसें हो या फिर इलेक्ट्रिक बसें। वहीं, बसें बीएस-6 मानक के अनुरूप होनी चाहिए।