राजधानी दिल्ली के न्यू उस्मानपुर इलाके में युवक के आत्महत्या करने के मामले में पुलिस ने मां की शिकायत पर तीन साल बाद मामला दर्ज किया है। पीड़िता ने एक युवती समेत दो पर बेटे की आत्महत्या का जिम्मेदार ठहराते हुए केस दर्ज करने की मांग की थी, लेकिन पुलिस ने सुनवाई नहीं की। जिसके बाद पीड़िता ने अदालत की शरण ली। कोर्ट ने युवती व उसके साथी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज करने का आदेश दिया। पुलिस ने बुधवार को इस संबंध में मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही युवती को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, पीड़िता शकुंतला देवी परिवार के साथ घोंडा इलाके में रहती हैं। पुलिस को दिए बयान में पीड़िता ने बताया था कि बेटा निखिल वर्ष 2020 में अक्षरधाम मंदिर के पास बने कोविड केयर सेंटर में नौकरी करता था। इस दौरान बेटे ने साथ में काम करने वाली युवती को देर रात कॉल किया। युवती ने इसकी शिकायत अपने परिजनों व स्टाफ से की। निखिल ने युवती से माफी मांगकर दोबारा ऐसी गलती न होने की बात कही थी। आरोप है कि इसके बाद युवती व उसके साथी ने निखिल को झूठे केस में फंसाकर जेल भिजवाने की धमकी दी। निखिल ने अपने घर पर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी।
छत पर मिली युवक की लाश, दोस्त फरार
करावल नगर इलाके में बृहस्पतिवार सुबह एक युवक की लाश छत से बरामद हुई। मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया है। वारदात के बाद से उसके साथ कमरे पर रहने वाला दोस्त गायब है। पुलिस को मृतक के शरीर पर किसी भी तरह के चोट के निशान नहीं मिले हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम के बाद ही युवक की मौत के कारणों का खुलासा हो पाएगा।