एसपी दीपक भूकर ने बताया कि घटना का खुलासा करने के लिए थाना देहात प्रभारी निरीक्षक शीलेष कुमार के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया था। कड़ी मशक्कत के बाद मृतक की शिनाख्त हो पाई थी। मृतक की कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की। जिससे पता चला कि मृतक की चांदपुर थाना क्षेत्र के गांव वास्टा की रहने वाली ज्योति से दोस्ती थी और वह उससे लगातार संपर्क में था। ज्योति मेरठ स्थित एक निजी नर्सिंग होम में नर्स के रूप में कार्य करती है और पांडव नगर में किराये पर रहती है।
जांच में पता चला कि बिजनौर के थाना चांदपुर के मोहल्ला मुफ्ती सराय निवासी मोहम्मद शोएब, तारिक अंसारी के साथ मिलकर तीनों ने ही हत्या को अंजाम दिया है। पुलिस ने शोएब और ज्योति को जिला बिजनौर के चांदपुर और तारिक को जिला गौतमबुद्धनगर के सेक्टर-70 से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में इन्होंने बताया कि ज्योति और ऋषिपाल के बीच पिछले डेढ़ वर्ष से प्रेम-प्रसंग चला आ रहा था। दोनों की मुलाकात अमरोहा में एक शादी समारोह में हुई थी। लेकिन कुछ दिन पहले ज्योति की दोस्ती शुऐब से हो गई। जिसके बाद दोनों का प्रेम प्रसंग शुरू हो गया। ऋषिपाल को यह बात पता चल गई थी और वह दोनों को अलग करने के लिए दबाव बना रहा था। इसके लिए वह ज्योति को बदनाम करने की धमकी भी दे रहा था। ऐसे में उसे रास्ते से हटाने के लिए ज्योति ने उसकी हत्या का षड़यंत्र रच डला।
पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मिलने के लिए बुलाया
एसपी ने बताया कि ऋषिपाल की हत्या के लिए ज्योति ने शोएब पर दबाव बनाया। ऋषिपाल बिजनौर और पंजाब में शादियों में सजावट का काम करता था। ज्योति ने 28 सितंबर को ऋषिपाल को फोन करके पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मिलने के लिए बुलाया था। बिजनौर से गजरौला और यहां से बस से वह पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचा और उसने ज्योति से मुलाकात की। शुरुआत में ज्योति अकेली उससे मिली और धोखे से कोल्डड्रिंक में नशीला पदार्थ पिला दिया। बेहोशी की हालत में तीनों उसे शोएब की ऑल्टो कार में लेकर हापुड़ आ गए और रात के अंधेरे में खेत में ले जाकर उसका गला रेत दिया। पुलिस ने इनके कब्जे से चाकू, कार, चार मोबाइल फोन, मृतक के हाथ का कड़ा और ब्लूटूथ बरामद किया है।