कोतवाली सेक्टर-113 पुलिस की टीम ने रविवार को लेडी डॉन के नाम से कुख्यात शाहजहांपुर निवासी मनस्वी शुक्ला उर्फ गुनगुन उर्फ तारा और इसके साथी इटावा निवासी अमित कुमार उपाध्याय को गिरफ्तार कर लिया। दोनों वर्तमान में सेक्टर-113 थाना क्षेत्र स्थित पीजी में रहते हैं। इस मामले में एक आरोपी विनोद उर्फ मनोज अभी भी फरार है। डीसीपी हरीश चंदर ने बताया कि 30 जून की रात में लेडी डॉन तारा अपने साथियों के साथ सेक्टर-76 स्थित आम्रपाली प्रिंसले सोसाइटी में रहने वाले इंजीनियर अनमोल मित्तल से गन प्वाइंट पर क्रेटा कार लूट ली थी।
अनमोल को इन बदमाशों ने शहर में घुमाया था और चेन, मोबाइल, कैश भी लूटा था। उस वक्त इंजीनियर अपनी कार से खाना पैक कराने मार्केट आए थे। बदमाश इंजीनियर को सड़क के किनारे फेंक कर फरार हो गए थे। इंजीनियर की शिकायत पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की तब दो जुलाई पुलिस ने मुठभेड़ में तीन बदमाश नवीन, उमेंद्र बहादुर सिंह और शिवेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। तब से तारा अपने साथी के साथ फरार थी। पुलिस पूछताछ में पता चला कि इस गिरोह की मास्टरमाइंड तारा है।
लोगों को हायर कर ऐसे कराती थी लूट
लेडी डॉन तारा की पढ़ाई दिल्ली विश्वविद्यालय से हुई है और पढ़ाई के दौरान से ही वह महत्वाकांक्षी रही है। पहले उसने नोएडा में एक कंपनी खोली लेकिन उसमें उसे नुकसान हो गया। इसके बाद वह अपने साथी के साथ मिलकर प्लेसमेंट एजेंसी के नाम पर लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देने लगी। नौकरी के लिए आने वाले कुछ लोगों को इन लोगों ने हायर करना शुरू किया और बदमाश कंपनी बनाकर लूट कराने लगी। सेक्टर-76 में भी इसी तरह से लूट की गई थी। इससे पहले भी इसने कई लूट व ठगी की घटनाएं की हैं।
फरारी के दौरान कई राज्यों में छिपी
क्रेटा लूट के बाद नोएडा पुलिस की टीम जब लेडी डॉन व उसके साथी के पीछे पड़ गई तो उसने कई राज्यों में शरण ली। नोएडा से निकलकर दिल्ली, उत्तराखंड से लेकर महाराष्टï्र के कई शहरों में फरारी काटी। दोनों आरोपियों का लोकेशन लगातार बदल रहा था। पुलिस का कहना है कि रविवार को तारा अपने साथी के साथ नोएडा आई थी। तभी पुलिस ने सूचना के आधार पर दोनों को दबोच लिया। वहीं इस लूट में शामिल एक अन्य फरार आरोपी की तलाश जारी है।
तारा के पास मिले दो आधार कार्ड
लेडी डॉन तारा की गिरफ्तारी के बाद जब उससे पूछताछ हुई तब उसके पास से दो आधार कार्ड मिले। असली आधार कार्ड की जांच की जा रही है। एक आधार कार्ड में 19 और दूसरे में 23 साल उम्र है। तारा और उसके साथी का आपराधिक इतिहास पता किया जा रहा है। तारा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमें घटना के बाद से लगाई गई थी।
तीन महीने पहले थाने में दी थी दुष्कर्म की फर्जी सूचना
लेडी डॉन तारा ने क्रेटा लूट के पहले कोतवाली फेज थ्री थाने में करीब तीन महीने पहले रात को पहुंच गई थी और वहां दुष्कर्म करने की सूचना दे दी थी। इसके बाद पुलिस महकमे में हडक़ंप मच गई थी। इस मामले में नोएडा व सेंट्रल नोएडा जोन मुकदमे दर्ज करने को लेकर आमने सामने हो गया था। बाद में जांच के दौरान यह घटना झूठी पाई गई थी।