दयालपुर इलाके में प्रॉपर्टी पर कब्जा दिलाने के लिए खुद को केंद्रीय गृहमंत्री का ओएसडी बताकर पुलिस अधिकारियों को धमकाने वाले जालसाज को उत्तरी पूर्वी जिला पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर पहले से जालसाजी के कई मामले दर्ज हैं। आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किया है। आरोपी की पहचान नवीन कुमार सिंह (43) के रूप में हुई है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि नौ अक्तूबर को पुलिस को एक प्रॉपर्टी पर कब्जे को लेकर झगड़े की जानकारी मिली। सूचना मिलते ही एसआई रवि पूनिया मौके पर पहुंचे। वहां मौजूद संजय कुमार और तोहिद मलिक ने प्रॉपर्टी पर अपना स्वामित्व का दावा किया। तोहिद स्वामित्व का दस्तावेज पेश नहीं कर पाया। इसी बीच गृहमंत्री के ओएसडी होने का दावा कर एक व्यक्ति तोहिद की ओर से एसआई रवि को कई बार फोन करके धमकी दी। आरोपी ने गोकलपुरी के एसीपी दीपक चंद्रा को भी फोन किए। आरोपी दयालपुर थाने आकर थाना प्रभारी को धमकाया।
जांच में पता चला कि आरोपी गृहमंत्री का ओएसडी बताकर पुलिस अधिकारियों को धमकाने और दबाव बनाने का काम कर रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। थाना प्रभारी अतुल त्यागी के नेतृत्व में जिले की वाहन चोरी निरोधक शाखा की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की। आरोपी के इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर के जरिए उसकी पहचान करने के बाद पुलिस ने नोएडा सेक्टर 51 से नवीन कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में पता चला कि वह गृह मंत्री का ओएसडी नहीं बल्कि एक जालसाज है। पैसे कमाने के लिए उसने ठगना शुरू किया। करीब दो तीन साल पहले उसकी मुलाकात ताज मोहम्मद से हुई, जो प्रॉपर्टी हड़पने के मामले में संलिप्त था। करीब 10-15 दिन पहले ताज मोहम्मद और रवि उसके पास आए और बताया कि तोहीद और वह दिल्ली के बृजपुरी में एक प्रॉपर्टी पर कब्जा करने के लिए जाली दस्तावेज बनाए हैं, लेकिन पुलिस उन्हें अंदर नहीं जाने दे रही है। पैसे के लालच में आरोपी ने खुद को गृहमंत्री का ओएसडी बताकर पुलिस अधिकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश की।
आरोपी के खिलाफ दर्ज ठगी के मामले
- साल 2024 में शिकायतकर्ता नरेंद्र सिंह से आरोपी ने राज्यसभा की सदस्यता दिलाने के नाम पर 2 करोड़ ठगे, थाना किशनगढ़ में आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया।
- साल 2018 में शिकायतकर्ता संदीप को नवीन कुमार ने ओएनजीसी में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी, अपराध शाखा ने मामला दर्ज किया।
- साल 2016 में पीड़ितों को ओएनजीसी में नौकरी दिलाने के बहाने ठगी, द्वारका नार्थ थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया।
- ओएनजीसी में नौकरी दिलाने के बहाने ठगने में शामिल, शिकायत पर चंडीगढ़ के विजिलेंस थाने में मामला दर्ज किया गया।