हाईटेक नर्सरी में संतुलित आहार और सुकून भरे संगीत सुनकर पौधे पलेंगे और बड़े होंगे। नर्सरी में ऐसी प्रणाली होगी, जिसके भीतर पौधों को जरूरत भर पानी, हवा और गर्मी मिलेगी। बाहर की गैर जरूरी ध्वनि से भी इन्हें बचाया जाएगा। इनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता सामान्य माहौल में उगने वाले पौधों के मुकाबले ज्यादा होगी।
बूम इरिगेशन सिस्टम से इनकी सिंचाई होगी। इनके चारों तरफ साउंड इंसुलेशन सेल्फ बनेगा। क्लाइमेट कंट्रोल सिस्टम रहेगा, जिसमें संतुलित तापमान और नमी होगी। इनके ऊपर पॉली कार्बोनेट शीट से हाईटेक पॉली हाउस तैयार किया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर एमसीडी ने केशवपुरम जोन स्थित 8.58 एकड़ क्षेत्रफल में फैली रोशनआरा बाग नर्सरी में पहला हाईटेक पॉली हाउस विकसित किया है। इस नर्सरी में हर साल 3.25 लाख पौधे उगाने की क्षमता है, अबतक करीब 2.25 लाख पौधे उगाए गए हैं। इसमें गोबर और सूखी घास से बने हल्के वजन के गमले खास हैं। इसमें फॉगिंग सिस्टम के साथ यूवी स्टेबलाइज्ड शेड नेट के साथ 300 वर्गमीटर क्षेत्रफल वाले दो शेड हाउस बनाए गए हैं।
रोशनआरा बाग हाईटेक नर्सरी में तुलसी, जामुन और अजवायन सहित कुल 19 पौधों को उगाया जा रहा है। उद्यान विभाग के मुताबिक, एमसीडी ने इस नर्सरी को रिकॉर्ड समय सीमा में विकसित किया है। दिल्ली को हरा भरा और सुंदर बनाने के लिए इस तरह की नर्सरी शहर के दूसरे हिस्सों में भी विकसित करने की योजना है। ये नर्सरी दिल्ली भर में पार्कों, उद्यानों और सड़कों के किनारे पौधों की आपूर्ति कर रही है। दिल्ली में मौजूदा समय 21 नर्सरी हैं, जिन्हें हाईटेक नर्सरी के रूप में विकसित करने की योजना पर उद्यान विभाग ने काम शुरू किया है।