फेज-दो स्थित बाल सुधार गृह में नाबालिगों पर हुए अत्याचार की कहानी तो रिपोर्ट में बताई ही जाएगी, वहां मिली अनियमितताओं के सुबूत के फोटो भी प्रस्तुत किए जाएंगे। आधिकारिक सूत्रों का दावा है कि फोटोग्राफ में साफ स्पष्ट है कि नाबालिगों पर किस तरह का अत्याचार किया जाता था और बाल सुधार गृह के अधिकारी जानते हुए भी कार्रवाई नहीं करते थे।
बीते दिनों 16 साल के एक नाबालिग ने जिस तरह बाल सुधार गृह की पोल खोली है, उससे लगता है कि वहां नाबालिगों को अपराधी बनाने का रास्ता सिखाया जाता था। आधिकारिक सूत्रों का दावा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर बाल सुधार गृह के अधिकारी बचाव का कोई तर्क पेश कर सकते थे, मगर जांच अधिकारी ने ऐसी कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी है।
आधिकारिक सूत्र का कहना है कि नाबालिगों द्वारा लगाए गए आरोप काफी हद तक पुष्ट हैं। उनके साक्ष्य भी फोटोग्राफ के माध्यम से जुटा लिए गए थे। अब रिपोर्ट के साथ-साथ फोटो भी बाल सुधार गृह के हालात को उजागर करेंगे।