- सितंबर 2022 में केंद्र सरकार ने पीएफआई और उसके कई सहयोगियों पर एक सख्त आतंकवाद विरोधी कानून के तहत पांच साल के लिए बैन लगा दिया था
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पटियाला हाउस कोर्ट को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बताया कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) पड़ोसी देशों से हथियार खरीदने और अपने कैडरों को हथियारों की ट्रेनिंग देने की कोशिश कर रहा था। विशेष न्यायाधीश एनआईए प्रशांत शर्मा की अदालत में जांच एजेंसी के विशेष लोक अभियोजक ने कोर्ट के सामने दलील दी कि पीएफआई नेता पड़ोसी देशों से हथियार खरीदने और अपने कैडरों को हथियारों की ट्रेनिंग देने की कोशिश कर रहे थे। अदालत मामले में पीएफआई के 20 आरोपी नेताओं के खिलाफ आरोपों पर दलीलें सुन रही थी। हालांकि, मीडियाकर्मियों को इन-कैमरा कोर्ट की कार्यवाही को कवर करने की इजाजत नहीं थी। पीएफआई नेताओं के वकील ने कहा कि वे अपने कैडरों को आईएसआईएस से रणनीति सीखने के लिए सीरिया भी भेज रहे थे, ताकि उन्हें भारत में लागू किया जा सके। उन्होंने खास हिट स्क्वॉड बनाए थे जो बीजेपी, आरएसएस और वीएचपी नेताओं की लिस्ट रख रहे थे और उन पर नजर बनाए हुए थे। कोर्ट ने मामले को आगे की कार्यवाही के लिए 23 दिसंबर को तय किया है।