चार्जशीट पर फिलहाल संज्ञान नहीं, 18 सितंबर को किया गया था गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। साकेत कोर्ट ने व्यापारी समीर मोदी के खिलाफ दर्ज कथित रेप मामले में दिल्ली पुलिस को दिए गए रिकॉर्ड पर आगे जांच करने की अनुमति दी है। वहीं, कोर्ट ने इस मामले में दाखिल चार्जशीट पर फिलहाल कोई संज्ञान लेने से मना कर दिया है। यह आदेश अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विनोद जोशी ने 19 नवंबर को सुनाया। कोर्ट ने जांच अधिकारी (आईओ) को सप्लीमेंट्री रिकॉर्ड फाइल करने के लिए समय देते हुए मामले की अगली सुनवाई 17 दिसंबर तक के लिए लिस्ट की। समीर मोदी के वकीलों ने तर्क दिया कि यह एफआईआर उनकी शिकायत का जवाब है और शिकायत करने वाली व्यक्ति ने पहले ही 15 करोड़ रुपये की मांग की थी। मांग पूरी न होने पर उन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी दी गई। वकीलों ने कहा कि पुलिस ने चार्जशीट दाखिल करने से पहले मोदी द्वारा दिए गए दस्तावेज पर ध्यान नहीं दिया। समीर मोदी को 18 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था और 25 सितंबर को बेल मिली थी। हाई कोर्ट ने उनके एफआईआर को रद्द करने की अर्जी पर 6 नवंबर को नोटिस जारी किया था। कोर्ट ने कहा कि फिलहाल मामले की जांच जारी रहेगी और आईओ को दिए गए दस्तावेज पर पूरी तरह विचार करना जरूरी है।