नांगलोई थाना प्रभारी की ओर से दर्ज मामले में कहा गया है कि शनिवार दोपहर 12 बजे से ताजिया जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से अपने निर्धारित रूट से निकल रहे थे। शाम पांच बजे से प्रेम नगर और अमन विहार की ओर से कुछ ताजिए किराड़ी फाटक पार करने के बाद रोहतक रोड होते हुए सूरजमल स्टेडियम के पास पहुंचे। इसी में शामिल लोगों ने अपने निर्धारित रूट से अलग हटते हुए स्टेडियम के भीतर जाने की कोशिश कर रहे थे। जिन्हें रोकने पर उनलोगों ने पथराव कर दिया।
इसी तरह हवलदार मुकेश ने भी बताया कि वापसी के दौरान लोगों ने किराड़ी मोड़ पर ट्रैफिक रोककर गाड़ियों पर चढ़कर हंगामा करने लगे। सभी के हाथों में तलवार, चाकू, रॉड और डंडे थे। जब पुलिस कर्मियों ने उन्हें खदेड़ने की कोशिश की तो वह पथराव करने लगे। शुरुआती जांच में इन लोगों की पहचान अमन विहार, किराड़ी और प्रेम नगर के रहने वालों के रूप में हुई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना को अंजाम देने वाले ज्यादातर लोग अमन विहार, प्रेम नगर और किराड़ी के रहने वाले हैं। पुलिस सीसीटीवी और वीडियो फुटेज में आरोपियों की पहचान कर रही है। सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने उन इलाकों के आयोजकों से संपर्क किया है। कुछ आयोजक भी अपने घर से गायब मिले हैं। पुलिस आयोजकों के जरिए ताजिए में शामिल होने वाले की पहचान करने की कोशिश कर रही है। शनिवार को ताजिए में शामिल हुए ज्यादातर लोग अपने घरों से गायब मिले हैं।
उप निरीक्षक की हत्या का किया गया प्रयास
ताजिए में शामिल लोग सूरजमल स्टेडियम में घुसने की कोशिश कर रहे थे। चूंकि स्टेडियम में जाने की इजाजत नहीं थी। इसलिए पुलिस टीम उन्हें रोकने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि छह सात ताजिए के आयोजक रिक्शों व ठेले पर चढ़कर अपने साथ आए लोगों को उत्तेजित करने लगे। इसी दौरान लोगों ने पुलिस टीम पर पथराव करने लगे। रोकने का प्रयास करने पर एक युवक ने उप निरीक्षक प्रवीण पर चाकू से हमला कर दिया। प्रवीण ने अपने को बचाने के लिए हाथ से चाकू को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान चाकू लगने से उसका हाथ जख्मी हो गया। उसके बाद ही पुलिस ने पथराव कर रहे लोगों को चेतावनी दी। चेतावनी के बाद भी पथराव करने पर पुलिस ने उनपर लाठीचार्ज कर दिया।
आयोजकों को गिरफ्तारी का डर सता रहा है
शनिवार को हुए बलवे के बाद ताजिया के आयोजकों को गिरफ्तारी का डर सता रहा है। पुलिस ने साफ तौर पर किराड़ी, प्रेम नगर और अमन विहार से आने वाले ताजिए के आयोजकों पर रूट बदलने को लेकर अपने साथ आए लोगों को भड़काने की बात कही है। हालांकि स्थानीय लोगों ने दावा किया है कि ताजिए में शामिल असामाजिक तत्वों ने हंगामा किया है। लोगों का कहना है कि पुलिस ने आयोजकों से लगातार बैठक कर उन्हें निर्धारित रूट के बारे में बता दिया था। ऐसे में आयोजकों पर आरोप लगने से वह काफी भयभीत हैं और उन्हें गिरफ्तारी का डर सताने लगा है। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिनके खिलाफ साक्ष्य मिलेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने भी ताजिया जुलूस निकाले जाने के दौरान उनकी वीडियोग्राफी करवाई है। जिसके जरिए पुलिस बलवा में शामिल लोगों की पहचान कर रही है।