इधर, परिवार को मासूम की हत्या का पता चला तो उनका गुस्सा फूट गया। रात करीब आठ बजे पड़ोस में रहने वाले आरोपी के घर पहुंच गए। कुछ पुलिसकर्मी एहतियात के तौर पर वहां पहले से तैनात थे। उन्होंने आरोपी के परिजनों को सुरक्षित बचाया।
इसके बाद तो मासूम के परिजन और भड़क गया और उन्होंने पुलिस पर हमला कर दिया। बाद में थाने से और स्टाफ को बुलाया गया। इसके बाद परिजनों की भीड़ इकट्ठा होकर विकास मार्ग पहुंच गई। लोगों ने सड़क के दोनों कैरिज वे को बंद दिया और नारेबाजी शुरू कर दी। लोग पुलिस की सुस्त कार्रवाई से भी नाराज थे। पुलिस ने उन्हें समझाने का प्रयास किया तो लोगों ने दोबारा पथराव कर दिया।
कुछ लोगों ने चार-पांच गाड़ियों के सामने वाले शीशे भी तोड़ दिए। मौके पर अफरातफरी मच गई। पुलिस बल बुलाने के बाद उपायुक्त समेत तमाम वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। सवा नौ बजे लोगों को सड़क से हटाकर यातायात को खुलवा दिया गया। पुलिस पूरे हालात पर नजर रखे हुए है। एक परिजन ने बताया कि आरोपी नशे का आदी है। परिजन बच्चों को उससे दूर रखते थे। इस बात से वह चिढ़ता था। पता नहीं उसने मासूम की इसी वजह से तो हत्या की या फिर हत्या के पीछे कुछ और कारण है। पुलिस उससे पूछताछ करने के बाद ही बता पाएगी।