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Delhi: मौसमी बीमारी के कारण अस्पतालों में तेजी से बढ़ रहे मरीज, विशेषज्ञ बोले- कोविड से अंतर करना मुश्किल

Mon, 26 Dec 2022 05:03 AM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

डॉक्टरों की माने तो गुरु तेग बहादुर, लोकनायक, डॉ. राम मनोहर लोहिया, सफदरजंग, दीन दयाल उपाध्याय, राव तुला राम, अंबेडकर, संजय गांधी सहित दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों की ओपीडी में 20 से 30 फीसदी तक मरीज बढ़ गए हैं।
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लोकनायक अस्पताल - फोटो : social media
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विस्तार
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मौसम में बदलाव के साथ दिल्ली के अस्पतालों में मौसमी बीमारी के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इनमें से अधिकतर मरीज कोरोना के संदिग्ध लक्षणों के साथ अस्पताल आ रहे हैं, जो कोविड-19 के नए वेरिएंट की आशंकाओं की टेंशन को बढ़ा रहे हैं। ऐसे संदिग्ध मरीजों की कोरोना जांच की जा रही है। 

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हालांकि, राहत की बात है कि अधिकतर मरीज निगेटिव पाए जा रहे हैं। डॉक्टरों की माने तो गुरु तेग बहादुर, लोकनायक, डॉ. राम मनोहर लोहिया, सफदरजंग, दीन दयाल उपाध्याय, राव तुला राम, अंबेडकर, संजय गांधी सहित दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों की ओपीडी में 20 से 30 फीसदी तक मरीज बढ़ गए हैं। ज्यादातर मरीज वायरल, खांसी जुकाम, सांस की तकलीफ सहित अन्य शिकायत को लेकर आ रहे हैं। 

डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में मामले बढ़ना सामान्य है, लेकिन वैश्विक स्तर पर बढ़ते कोरोना के मामलों को देखते हुए इन्हें हल्के में नहीं लिया जा सकता। मरीजों को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। खासकर हाई रिस्क क्षेत्र में आने वाले मरीजों को सावधान रहने को कहा गया है। 

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अंतर करना मुश्किल डॉ. सुभाष गिरी 
जीटीबी अस्पताल के निदेशक डॉ. सुभाष गिरी ने कहा कि कोविड व मौसमी बीमारी में अंतर करना मुश्किल है। कोविड में बुखार ज्यादा समय तक रहता है, जबकि सामान्य वायरल का बुखार कम। ऐसे में यदि किसी को भी बुखार, खांसी, जुकाम होता है तो उन्हें खुद को आइसोलेट कर लेना चाहिए। इससे जहां कोरोना का प्रसार रुकेगा, वहीं वायरल भी दूसरे तक नहीं पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि उम्मीद कर रहे हैं कि 15 जनवरी तक मौसमी बीमारी के मामले घटेंगे। वहीं, विश्व स्तर पर कोरोना के नए वेरिएंट के मामलों में भी कमी आएगी। ऐसे समय में बचाव के लिए लोगों को पौष्टिक आहार लेना चाहिए। इस समय इम्युनिटी को मजबूत रखना बहुत जरूरी है। हम उम्मीद कर रहे हैं कि भारत में कोरोना के नए वेरिएंट का ज्यादा गंभीर असर नहीं होगा। 

11 जिलों में उपलब्ध नहीं है मुफ्त वैक्सीन की स्लॉट 
दिल्ली के 11 जिलों में 29 दिसंबर तक मुफ्त कोविड वैक्सीनेशन के लिए कोई स्लॉट उपलब्ध नहीं है। कोविन एप के अनुसार उत्तर दिल्ली के जिले के स्वरूप नगर में देर शाम तक केवल 29 दिसंबर के लिए कुछ स्लॉट उपलब्ध थे, जबकि मध्य, पूर्वी, उत्तर-पूर्वी, उत्तर-पश्चिमी, शाहदरा, दक्षिणी, दक्षिण-पूर्वी, दक्षिण-पश्चिमी और पश्चिमी दिल्ली जिले के किसी भी सेंटर पर मुफ्त में वैक्सीन के लिए कोई स्लॉट उपलब्ध नहीं है। हालांकि अधिकतर जिले में भुगतान के साथ स्लॉट उपलब्ध थे।
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बचाव के लिए कराएं वैक्सीनेशन: डॉ. सुरेश 
लोकनायक अस्पताल के निदेशक डॉ. सुरेश कुमार ने कहा कि कोरोना के नए वेरिएंट से बचाव के लिए वैक्सीनेशन करवाना जरूरी है। जिन्होंने अभी तक बूस्टर डोज नहीं लगवाई है उन्हें आगे आकर वैक्सीन लगवाने चाहिए। उन्होंने कहा कि मौसम में बदलाव के बाद से तेजी से वायरल व अन्य के मामले सामने आ रहे हैं। इनमें कोरोना के संदिग्ध मरीज भी हो सकते हैं, यदि वैक्सीन लगी होगी तो बचाव आसान होगा। वहीं हाई रिस्क के मरीजों को विशेष सतर्क रहने की जरूरत है। इनमें हार्ट, सांस, टीबी, कैंसर सहित अन्य गंभीर बीमारी के मरीज शामिल हैं। 
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