अदालत ने गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज 700 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुपरटेक के प्रमोटर राम किशोर अरोड़ा को नियमित जमानत दे दी।
पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश देवेंद्र कुमार जंगाला ने अरोड़ा को जमानत दे दी। सुपरटेक और उसकी समूह कंपनियों पर 800 से अधिक घर खरीदारों से 228 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। घर खरीदारों की शिकायतों पर आईपीसी के तहत दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में 26 प्राथमिकी एफआईआर दर्ज की गईं।
ईडी ने जून 2023 में अरोड़ा को गिरफ्तार किया। उनके खिलाफ 24 अगस्त, 2023 को शिकायत दर्ज की गई और अदालत ने 26 सितंबर, 2023 को इसका संज्ञान लिया। ईडी ने आरोप लगाया है कि सुपरटेक और उसकी समूह कंपनियों ने सैकड़ों घर खरीदारों को धोखा दिया और गलत तरीके से कमाए गए पैसे को लूटा गया।
अरोड़ा की वैधानिक जमानत याचिका और ईडी द्वारा गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली उनकी याचिका को पहले दिल्ली उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया था।
कौन हैं सुपरटेक के प्रमोटर आरके अरोड़ा
आरके अरोड़ा हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में एक रियल एस्टेट कारोबारी हैं। वह सुपरटेक लिमिटेड के मालिक हैं। अरोड़ा ने 34 कंपनियां खड़ी की हैं। ये कंपनियां सिविल एविएशन, कंसलटेंसी, ब्रोकिंग, प्रिंटिंग, फिल्म्स, हाउसिंग फाइनेंस, कंस्ट्रक्शन तक के काम करती हैं। यही नहीं, मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो आरके अरोड़ा ने तो कब्रगाह बनाने तक की कंपनी भी खोली है।