धीरेंद्र शास्त्री के मंच पर आते ही जय श्री राम के जयकारों से पंडाल गूंजने लगा। उन्होंने कहा कि राम को पाना आसान नहीं है, यदि उनको पाना है तो इंसान को पहले स्वयं उनका होना पड़ेगा, यानी श्रीराम की शरण में जाना होगा। अहंकार, मोह और क्रोध त्यागना पड़ेगा, तभी प्रभु राम को पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर हिंदू हो तो माथे पर तिलक लगाना जरूरी है और मंदिर जाते समय पहनावे का ध्यान रखें। राम नाम की शक्ति के आगे कोई भी मजहब व धर्म खड़ा नहीं हो सकता है। ग्रेटर नोएडा के लोगों ने देश व विदेश में राम नाम की महत्वता और सनातन धर्म का परचम लहरा दिया है।
सेवादार की गलती पर जताया खेद
महिला को उठाकर बैरिकेड से बाहर फेंकने की घटना पर कथा सुनाने के दौरान आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने खेद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सेवादार ने जो कार्य किया है, उसके लिए वह खेद व्यक्त करते हैं। उस बहन के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं करना चाहिए था।