वर्दी के रौब में जीआरपी मथुरा के कर्मियों ने इंदौर जा रही मालवा एक्सप्रेस के एस वन कोच से एक साधु को उठाकर पलवल स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर छह पर फेंक दिया। उसे हल्की चोट भी आई। आधी रात तक साधु ठंड में प्लेटफार्म पर ही पड़ा रहा। हैरानी की बात यह है कि प्लेटफार्म पर गश्त कर रहे जीआरपी पलवल के कर्मचारियों ने साधु को फेंकने पर ऐतराज जताया और इस बात पर उनकी मथुरा के स्टाफ से कहासुनी भी हुई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
यही नहीं ट्रेन से उतरने को लेकर कई यात्रियों से भी बदसलूकी भी की गई। मामला थाना प्रभारी मथुरा के संज्ञान में आने पर उन्होंने मामले की जांच करने की बात कही है। जम्मूतवी से इंदौर जाने वाली 12920 मालवा एक्सप्रेस शनिवार की रात करीब एक घंटे की देरी से चल रही थी। ये ट्रेन रात करीब पौने दस बजे पलवल स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर छह पर खड़ी हुई। इस दौरान किसी अन्य ट्रेन को पास किया जा रहा था। इस ट्रेन को एस्कॉर्ट कर रहे मथुरा जीआरपी कर्मियों ने पहले तो ट्रेन से उतरने को लेकर दैनिक यात्रियों से बदलसलूकी की।
इसके बाद उन्होंने एस वन कोच में गेट के पास सो रहे एक साधु को उठाकर प्लेटफार्म पर फेंक दिया। प्लेटफार्म पर गश्त कर रहे जीआरपी पलवल के एएसआई सतपाल और उमरदीन ने इसका विरोध किया तो उनसे भी जमकर कहासुनी हुई। बदसलूकी करने वाले जीआरपीकर्मियों के नाम रोहित और जयदेव बताए जा रहे हैं। उधर मथुरा जीआरपी थाना प्रभारी मुकेश मलिक का कहना है कि जीआरपीकर्मियों को ऐसा नहीं करना चाहिए था, लेकिन यदि उन्होंने ऐसा किया है तो मामले की जांच की जाएगी।