पाकिस्तान में कट्टरपंथियों के डर से फरीदाबाद आए कई शरणार्थी अभी तक अपने वतन में ही बेगाने बने हुए हैं। वो पाकिस्तान को अपना मानते नहीं और भारत ने उन्हें अब तक अपनाया नहीं।