पहलगाम में हुए आतंकी हमले से पूरे देश में रोष का माहौल है। व्यापारियों और उद्यमियों में भी इसे लेकर आक्रोश है। इस वर्ग ने तो ऐलान किया है कि पाकिस्तान के साथ पूरे तरीके से व्यापार बंद होना चाहिए। इसे लेकर दिल्ली के 100 बाजारों में पोस्टर अभियान चलाने की रणनीति तैयार की है। इसकी शुरुआत कश्मीरी गेट मार्केट से की गई है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) समेत अन्य देशी व्यापारिक संगठनों से अपील की है कि पाकिस्तान के साथ व्यापारिक संबंध तोड़ दें।
एशिया के सबसे बड़े ऑटोमोबाइल व मोटर पार्ट्स पाकिस्तान समेत एशिया के सभी बाजारों में जाते हैं। लिहाजा व्यापारियों ने इस व्यापार को रोकने की अपील सभी दुकानों से की है। सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल ने बताया कि दिल्ली के सभी 700 व्यापारी संगठनों और 56 औद्योगिक क्षेत्रों की एसोसिएशनों से अपील की गई है कि पाकिस्तान से व्यापार पूरी तरह बंद किया जाए और पाकिस्तान से किसी भी तरह का आयात-निर्यात नहीं किया जाए। 2024 में भारत-पाक के बीच 10 हजार करोड़ रुपये का बिजनेस हुआ।
पाकिस्तान को भारत कॉटन, केमिकल, फूड प्रोडक्ट्स, सब्जियां, फल, प्लास्टिक प्रोडक्ट्स, कॉफी, चाय, मसाले, रंग, तिलहन, डेयरी उत्पाद, फार्मास्युटिकल, दवाइयां, कपड़ा और मोटर पार्ट्स भेजता है, जबकि पाकिस्तान से भारत में फल, नमक, ऊनी सामान, केमिकल, कपास और कपड़ा आता है। भारतीय व्यापारियों को दूसरे देशों का विकल्प खोजना होगा, साथ ही भारत में उत्पाद बढ़ाने चाहिए।
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आर्थिक रूप से पाकिस्तान को कमजोर करने की आवश्यकता : पम्मा
फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन के चेयरमैन परमजीत सिंह पम्मा व अध्यक्ष राकेश यादव ने कहा कि पूरे देश के व्यापारी एकजुट होकर प्रधानमंत्री को भरोसा दिला रहे हैं कि वह सरकार के साथ हैं।
सरकार किसी प्रकार के भी कोई कदम उठाना चाहती है तो वह सरकार का साथ देंगे। आतंकवाद के खिलाफ कड़े कदम उठाने के साथ आर्थिक रूप से भी पाकिस्तान को कमजोर करने की आवश्यकता है। पाकिस्तान से व्यापारिक संबंध तोड़ने पर भारतीय व्यवस्था पर खास असर नहीं पड़ेगा। लिहाजा व्यापारिक संबंध तोड़ लेने चाहिए। सदर के 40 हजार व्यापारियों से संपर्क साधकर यह अभियान चलाया जाएगा।