भारत के ग्रामीण क्षेत्र में माहवारी के समय महिलाओं को होने वाली समस्या और पैड की अनुपलब्धता को लेकर बनी भारतीय शॉर्ट फिल्म ‘ पीरियड. एंड ऑफ सेंटेंस’ को ‘डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट सब्जेक्ट’ श्रेणी में ऑस्कर पुरस्कार मिला है। इस डॉक्यूमेंट्री का निर्देशन रायका जेहताबची ने किया है और इसे भारतीय प्रोड्यूसर गुनीत मोंगा की ’सिखिया एंटरटेनमेंट’ ने प्रोड्यूस किया है। यह डॉक्यूमेंट्री ‘ऑकवुड स्कूल इन लॉस एंजिलिस’ के छात्रों और उनकी शिक्षक मिलिसा बर्टन द्वारा शुरू किए गए ‘द पैड प्रोजेक्ट’ का हिस्सा है।
इस फिल्म की शूटिंग उत्तर प्रदेश के हापुड़ के काठीखेड़ा में हुई है। यह फिल्म एक्शन इंडिया नामक संस्था के प्रयासों पर बनी है जो इस गांव में सैनिटरी पैड बनाने का प्रोजेक्ट लाई थी। गांव में सैनिटरी पैड बनाने के प्रोजेक्ट को लाने वाली शबाना का कहना है कि उनकी 22 साल की मेहनत सफल हुई। जब उन्होंने यह प्रोजेक्ट शुरू किया था तो अंदाजा नहीं था यह सफर ऑस्कर तक पहुंचेगा। उनकी टीम की इस सफलता में वह हर शख्स जिसने इस मुहिम में साथ दिया सहभागी हैं।
बहुत कठिन रहा यह सफर
एक्शन इंडिया संस्था की हापुड़ की टीम लीडर शबाना का कहना है कि इसका सफर बहुत कठिन रहा है। जब काठीखेड़ गांव में यूनिट लगाई गई तो कुछ लोगों ने काफी आपत्ति जताई। यह भी कहा गया कि गांव की भोली महिलाओं को बहकाया जा रहा है।
कई बार लगा कि किसी और गांव का रूख किया जाए, लेकिन गांव की सुमन के सहयोग से लोगों को मनाया गया। महिलाओं को समझाने के लिए छुप-छुप कर बात की जाती थी। जब फिल्म बनाने वाली यूनिट ने गांव में संपर्क किया तो साल 2017 में 15-15 दिनों के लिए दो बार शूटिंग हुई। विदेशी मूल के लोगों के आने से गांव के लोग आश्चर्यचकित थे। अब जब फिल्म के बारे में इतनी चर्चा हो रही है तो अधिकांश लोग खुश हैं।