डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के हड्डी रोग विभाग में उपचार करवाने आ रहे मरीज परेशान हो रहे हैं। विभाग में ऑपरेशन एनेस्थेसिया विभाग से उधार पर मिले सीआर्म मशीन से हो रहे हैं। एक छोटी एक्स-रे मशीन की तरह काम करती है। इसकी मदद से शरीर के अंग को थ्री-डी चित्र में देख सकते हैं। यह मशीन भी कई बार खराब हो चुकी है। इससे वहां आने वाले मरीजों की जटिल सर्जरी में दिक्कत आती है। वहीं पर्याप्त सुविधाएं न होने के कारण ऑपरेशन के टेबल तक बंद हैं। बताया जा रहा है कि यहां केवल एक ही टेबल पर सर्जरी हो रही है।
अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक हड्डी रोग विभाग की सी आर्म मशीन करीब एक माह से खराब है। इसकी मदद से ऑपरेशन किया जाता है, मशीन खराब होने के कारण मरीजों को मरीज परेशान हो रहे हैं। विभाग में सिर्फ एक ही ऑपरेशन टेबल पर सर्जरी हो रही हैं। ट्रामा सेंटर में दो ऑपरेशन टेबल बंद पड़ी हैं। विभाग के डॉक्टरों का कहना है कि ये पहला बड़ा सरकारी अस्पताल है जहां इमरजेंसी की ट्रामा सर्जरी और पहले से प्रस्तावित सर्जरी एक ही ऑपरेशन टेबल पर करने पड़ रहे हैं। ऐसे में मरीजों में संक्रमण होने का खतरा रहता है। उनका कहना है कि कभी-कभी ऐसा भी हो जाता है कि पहले से प्रस्तावित मरीज को सर्जरी करने के लिए ले जा रहे हैं और उसी समय इमरजेंसी केस आ जाए। ऐसे प्रस्तावित मरीज को बाहर करना पड़ता है और इमरजेंसी केस की पहले सर्जरी करनी होती है।
डॉक्टरों का कहना है कि यदि ट्रामा सेंटर में बंद दो ऑपरेशन टेबल को जल्द शुरू कर दिया जाता है तो समस्या दूर हो जाएगी। अभी सिर्फ एक ही ऑपरेशन टेबल का इस्तेमाल किया जा रहा है जिसमें रूटीन सर्जरी और इमरजेंसी सर्जरी दोनों की जाती हैं। वहीं इस संबंध में डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के निदेशक डॉ. अजय शुक्ला से जब संपर्क किया गया तो कोई जवाब नहीं मिल पाया।
ऑटोक्लोव और ओटी लाइट भी खराब
फेमा के संस्थापक सदस्य डॉ. मनीष जांगड़ा का कहना है कि जानकारी मिली है कि अस्पताल में उपकरणों को बैक्टीरिया और वायरस मुक्त बनाकर स्टेराइल करने वाला ऑटोकलोव भी खराब पड़ा है। इन उपकरणों को स्टेराइल (रोगाणु मुक्त) बनाने के लिए दूसरे विभाग भेजा जाता है। इसके अलावा ऑपरेशन थियेटर की टेबल वाली एक ही लाइट चल रही है, दूसरी लाइट खराब है।