प्रवर्तन टीम वाहनों को रोककर नियंत्रित प्रदूषण प्रमाण पत्र (पीयूसीसी) की जांच की जाएगी। टीम के सदस्य पार्किंग स्थलों पर भी औचक निरीक्षण करेंगे। अगर पुराने वाहन जिनकी मियाद खत्म हो गई हैं उन्हें जब्त कर स्क्रैप कर दिया जाएगा। परिवहन विभाग की तरफ से प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर पहले से ही कार्रवाई चल रही है।
प्रदूषण का स्तर बढ़ने पर दूसरे राज्यों से दिल्ली में प्रवेश करने वाले वाहनों पर भी सख्ती की जाएगी। वाहनों का प्रदूषण जांच ना करवाने पर पहले ही परिवहन विभाग की तरफ से15 हजार वाहन मालिकों को नोटिस भेजे गए हैं। साथ ही जल्द जांच करवाने की चेतावनी दी गई है। इसके बाद पकड़े जाने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना किया जाएगा। परिवहन विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक पिछले साढ़े आठ महीने में प्रवर्तन टीमों ने 12,523 वाहनों के चालान काटे गए हैं। इस दौरान 5,500 से अधिक पुराने वाहनों को जब्त कर स्क्रैप करने के लिए भेजा गया है।
प्रदूषण बढ़ने पर लागू होंगी पाबंदियां
अगर बढ़ोतरी के बाद प्रदूषण खतरनाक या बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच जाता है तो सड़क पर केवल बीएस-6 वाहनों को ही चलने की इजाजत होगी। इस दौरान अगर प्रदूषण के लिहाज से बीएस-3, 4 वाहन चलते हैं तो उनपर भी कार्रवाई होगी। एक अधिकारी का कहना है कि जैसे जैसे प्रदूषण का स्तर बढ़ता जाएगा, नए प्रदूषण मानकों को पूरा करने वाले वाहनों को ही चलने की इजाजत दी जाएगी। प्रदूषण में बढ़ोतरी होते ही दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों पर सख्ती होगी। ट्रकों के प्रवेश पर पाबंदी सहित और भी सख्ती की जा सकती है।