जामिया मिल्लिया इस्लामिया प्रशासन ने अगले आदेश तक सभी कक्षाओं को ऑनलाइन माध्यम से संचालित करने का निर्णय लिया है। कैंपस के भीतर उत्पन्न तनावपूर्ण स्थिति और बाहरी हस्तक्षेप को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। प्रशासन ने कैंपस का माहौल खराब करने के लिए कुछ बाहरी तत्वों और कांग्रेस सांसदों को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं जामिया मिल्लिया इस्लामिया में आंदोलनकारी छात्रों का टेंट हटाए जाने की सूचना है।
जामिया के रजिस्ट्रार छात्रों से मिले
जामिया के रजिस्ट्रार प्रोफेसर मोहम्मद महताब आलम रिजवी ने छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने छात्रों की चिंताओं को सुना और उन्हें स्थिति सामान्य करने का आश्वासन दिया। प्रशासन का आरोप है कि कैंपस से बाहर के लोग जानबूझकर माहौल खराब कर रहे हैं। इन गतिविधियों से विश्वविद्यालय परिसर की शांति भंग हो रही है।
कैंपस में तनाव के लिए कौन जिम्मेदार?
प्रशासन ने कैंपस में आने वाले कांग्रेस सांसदों को भी इस स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उनके प्रवेश को कैंपस में तनाव बढ़ाने वाला बताया गया है। विशेष रूप से सांसद इमरान मसूद और इमरान प्रतापगढ़ी पर आरोप लगाए गए हैं। इन दोनों सांसदों पर दीवार फांदकर जामिया कैंपस में अवैध रूप से दाखिल होने का आरोप है।
जामिया प्रशासन ने पुलिस को दी शिकायत
जामिया प्रशासन ने इस गंभीर मामले में स्थानीय पुलिस को शिकायत दी है। यह शिकायत कैंपस में अवैध तौर पर दाखिल होने के संबंध में दर्ज कराई गई है। प्रशासन ने पुलिस से इस मामले में उचित और कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उनका मानना है कि यह कृत्य कैंपस की सुरक्षा प्रोटोकॉल का सीधा उल्लंघन है।
प्रशासन ने लगाया माहौल बिगाड़ने का आरोप
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बाहरी लोगों की गतिविधियों से कैंपस का शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। कांग्रेस सांसदों के कैंपस में प्रवेश को भी इसी कड़ी का हिस्सा बताया गया है। प्रशासन ने छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह निर्णय लिया है। ऑनलाइन क्लास का फैसला इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।