अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। नर्सिंग केवल एक पेशा नहीं है बल्कि संवेदनशीलता और निस्वार्थ सेवा का प्रतीक है। जब किसी बच्चे का जन्म होता है तो मां के बाद सबसे पहले उस नवजात की देखभाल करने वाली नर्स होती है। डॉक्टरों के साथ-साथ नर्सें भी हमारे स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं। ये बातें दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के मौके पर लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल के एमएएमसी सभागार में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान कहीं। डॉ. सिंह ने बताया कि नर्सिंग पेशेवरों को सशक्त बनाने की दिशा में सरकार ने नर्सिंग इंटर्न्स के स्टाइपेंड में ऐतिहासिक 27 गुना बढ़ोतरी को लागू किया। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि कोविड-19 महामारी में अगर नर्सिंग स्टाफ ने दिन-रात अथक सेवा नहीं की होती तो दिल्ली की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता। संकट के समय में नर्सों ने अपने जीवन की परवाह किए बिना दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर रात-दिन लोगों की सेवा की। उनके इस योगदान को हमेशा बेहद सम्मान एवं कृतज्ञता के साथ याद किया जाएगा। उन्होंने लोकनायक अस्पताल को साफ-सफाई और स्वच्छता के मानकों के लिए प्रतिष्ठित कायाकल्प पुरस्कार में प्रथम स्थान हासिल करने पर बधाई दी।