फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Nuh News: नूंह में सरकारी नीतियों के खिलाफ सड़क पर उतरे मजदूर और किसान

विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

नूंह। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और संयुक्त किसान मोर्चा के देशव्यापी ''जेल भरो-सत्याग्रह'' आह्वान के तहत नूंह में सैकड़ों मजदूरों और किसानों ने हुंकार भरी। 9 अगस्त 1942 के ''अंग्रेजों भारत छोड़ो'' आंदोलन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को याद करते हुए प्रदर्शनकारियों ने नूंह अनाज मंडी में विशाल जनसभा की और सरकार की नीतियों के खिलाफ सविनय अवज्ञा आंदोलन किया।

सभा को संबोधित करते हुए सीटू प्रदेश महासचिव जयभगवान ने केंद्र व राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चंद कॉर्पोरेट घरानों के हितों के लिए सार्वजनिक व सरकारी क्षेत्रों को निजी हाथों में सौंप रही है, जिससे मेहनतकश जनता की रोजी-रोटी पर संकट गहरा गया है। देश में बेरोजगारी चरम पर है और चार लेबर कोड लागू कर मजदूरों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है।
विज्ञापन


कर्मचारी व किसान नेताओं ने मांग रखी कि न्यूनतम वेतन ₹30,000 प्रति माह किया जाए, सरकारी विभागों में खाली पड़े लाखों पदों पर स्थायी भर्ती हो तथा ''समान काम के लिए समान वेतन'' का सिद्धांत लागू किया जाए। वक्ताओं ने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य देने और बिजली के निजीकरण व स्मार्ट मीटर के खिलाफ 11 से 13 अगस्त तक होने वाली हड़ताल को पूर्ण समर्थन देने का ऐलान किया।

सभा के उपरांत अनाजमंडी से जिला सचिवालय तक विरोध जुलूस निकाला गया और सचिवालय का घेराव किया गया। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन पहुंचाया, जहां से बाद में सभी को रिहा कर दिया गया।
विज्ञापन


कार्यक्रम में सीटू जिला संयोजक अनिल कुमार, ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन प्रधान नानक, आशा वर्कर्स यूनियन से गीता, ग्रामीण चौकीदार सभा प्रधान दीन मोहम्मद तथा मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन प्रधान आबिद सहित कई यूनियनों के प्रतिनिधि और सदस्य उपस्थित रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें