काफी पुरानी है दरगाह
रुकमुद्दीन खेड़ा ने बताया कि अरावली की पहाड़ियों में स्थित यह दरगाह काफी पुरानी है और स्थानीय लोगों की आस्था से जुड़ी हुई है। आरोप है कि असामाजिक तत्वों ने दरगाह परिसर में तोड़फोड़ कर पुरानी संरचना को क्षतिग्रस्त किया। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों के साथ इस तरह की हरकत किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।
ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर मौके का निरीक्षण कराने और घटना की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही, दरगाह में तोड़फोड़ करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करने की मांग उठाई गई है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन को आवश्यक कदम उठाने चाहिए।