गांव के सरपंच साहुन ने बताया कि तालाब के पास ही ग्रामीणों ने अपने पशुओं के लिए प्लॉट बनाए हुए हैं, जहां रोजाना महिलाएं और बच्चे उपले थापने व अन्य कामों के लिए जाते हैं। गुरुवार सुबह जमशेद की पुत्रियां बड़ी बेटी सन्ना (18 वर्ष, शादीशुदा) और छोटी बेटी सजमिन (11 वर्ष) उपले थापने के लिए गई थी।
उपले थापने के बाद दोनों बहनें पास के तालाब में गोबर से सनी परात को धो रही थी, तभी छोटी बहन सजमिन का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में जा गिरी। छोटी बहन को डूबते देख उसे बचाने के लिए बड़ी बहन सन्ना भी तालाब में कूद पड़ी, लेकिन दोनों की डूबने से मौत हो गई।
थोड़ी दूरी पर खड़े एक युवक ने जब उनकी चीख-पुकार सुनी तो गांव के लोगों को सूचना दी। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद दोनों के शवों को पानी से बाहर निकाला और पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की। गांव में इस दर्दनाक हादसे के बाद शोक की लहर है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
पांच दिन पहले ही आई थी मायके
इस दुर्घटना का शिकार हुई सन्ना की करीब एक वर्ष पहले पलवल जिले के बलई गांव में शादी हुई थी। चार-पांच दिन पहले ही वह अपने मायके आई थी। वहीं मृतक लड़कियों के चाचा अजीज ने बताया कि काफी मशक्कत के बाद करीब आधे घंटे में जब तक ग्रामीणों के सहयोग से उन्हें पानी से बाहर निकाला गया, जब तक उनकी मौत हो चुकी थी, वहीं इस मामले में फिरोजपुर झिरका थाना प्रभारी निखिल ने कहा कि इस बारे में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत मिलेगी तो आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जबकि परिजनों ने कहा कि यह एक दुर्घटना है, इसलिए वे इस मामले में किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं करना चाहते।