मृतक युवक के भाई रविकांत शर्मा की शिकायत पर दर्ज मुकदमे के अनुसार, सौरभ की शादी फरीदाबाद के जवां गांव निवासी ओजस्वी से 12 मार्च 2024 को हुई थी। लेकिन उसका चाल-चलन ठीक नहीं था और उसके दूसरे युवकों से नाजायज संबंध थे। जिसके सबूत भी सौरभ के पास थे।
ओजस्वी ने कभी भी सौरभ को अपना पति नहीं माना और जब मन किया अपने गांव चली जाती थी। सौरभ के पास वह सिर्फ पैसे लेने व अपनी मांग पूरी करवाने के लिए ही आती थी। शादी के मात्र एक वर्ष में ही सौरभ की जिंदगी ओजस्वी व उसके मम्मी और पापा ने नरक बना दी थी।
कई बार दोनों परिवार के लोग एक साथ बैठे और इस सारी समस्या के बारे में अवगत करवाया। ससुराल पक्ष के लोगों ने अपनी बेटी को समझाने के बजाए उनके परिवार को दहेज के झूठे केस में फंसाने की धमकी दी।
पति की आंखों के सामने दूसरे युवकों से बनाती थी संबंध
इसके बाद कई बार सौरभ की पत्नी ने उसकी हत्या करने की साजिश रची, जो सौरभ के चौकन्ना रहने के कारण सफल नहीं हो पाई। कई बार ओजस्वी व उसके परिवार वालों ने सौरभ पर दबाव बनाया, उससे पैसे ऐंठे तथा मारपीट भी की।
बार-बार मारपीट करने, दहेज प्रताड़ना के झूठे केस में फंसाने की धमकी देने और उसकी आंखों के सामने दूसरे युवकों से अवैध संबंध बनाने से युवक सौरभ अपना मानसिक संतुलन खोने लगा था।
रेल से कटकर दी जान
परेशान होकर 25 जुलाई को उसने पलवल रेलवे स्टेशन पर रेल से कटकर आत्महत्या कर ली। पलवल जीआरपी चौकी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसका पोस्टमार्टम करवाया और परिजनों को सौंप दिया।