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Nuh News: 14 साल से विकास की राह देख रहा सेक्टर-12, खाली प्लॉट बने नशेड़ियों का अड्डा

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- करोड़ों खर्च के बाद भी टूटी सड़कें, बंद सीवर और जमीन पर झूलते बिजली तार, खाली प्लॉटों में अवैध कब्जे और नशेड़ियों का डेरा
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14 साल में भी नहीं बस पाया सेक्टर-12, 624 प्लॉटों में सिर्फ तीन मकान

विपिन सैनी



पलवल।
जिले के हथीन रोड पर करीब 14 साल पहले विकसित किया गया एचएसवीपी का सेक्टर-12 आज विकास की बजाय बदहाली की तस्वीर पेश कर रहा है। कागजों में सड़क, सीवर, बिजली और अन्य सुविधाओं से लैस यह सेक्टर धरातल पर वीरान पड़ा है। यहां 624 रिहायशी प्लॉटों में से महज तीन पर मकान बने हैं। बाकी प्लॉट झाड़ियों, कूड़े और अतिक्रमण की चपेट में हैं। सेक्टर में करोड़ों रुपये की लागत से तैयार सड़कें अब जगह-जगह टूट चुकी हैं। बारिश के पानी से सड़क की बजरी उखड़ने के कारण गहरे गड्ढे बन गए हैं। सीवर और बरसाती पानी की निकासी के चेंबर मिट्टी से भर गए हैं। कई बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त होकर गिर चुके हैं और तार जमीन के नजदीक झूल रहे हैं। इससे हादसे का खतरा बना हुआ है।
सुविधाएं मौजूद, फिर भी लोग रहने को तैयार नहीं : स्थानीय लोगों के अनुसार सेक्टर में एचएसवीपी कार्यालय और जिमखाना क्लब जैसी इमारतें होने के बावजूद आबादी नहीं बढ़ी। हथीन और नूंह रोड से जुड़ा होने के बावजूद सार्वजनिक परिवहन की कमी बड़ी समस्या है। अधिकांश लोगों ने प्लॉट निवेश के उद्देश्य से खरीदे थे। बढ़ी कीमतों और सुविधाओं की कमी के कारण निर्माण की बजाय खाली रखना पसंद कर रहे हैं।
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खाली प्लॉट बने असामाजिक तत्वों का ठिकाना:
सेक्टर के सुनसान हिस्सों में शाम के बाद नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों की आवाजाही बढ़ जाती है। आंबेडकर कॉलेज के पीछे कई खाली प्लॉटों में कबाड़ियों ने कब्जा कर रखा है। झुग्गियां बनाकर रह रहे मजदूरों की ओर से कबाड़ जलाने से प्रदूषण भी बढ़ रहा है।
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सेक्टर में प्लॉट महंगे हैं लेकिन रहने लायक माहौल और सार्वजनिक परिवहन की सुविधा नहीं है। इसलिए खरीदार निवेश तो करते हैं, मकान बनाने से बचते हैं।
जगवीर सैनी, स्थानीय निवासी
वर्षों पहले प्लॉट लिया था लेकिन आसपास आबादी नहीं बढ़ी। सुविधाओं की कमी के कारण यहां परिवार के साथ रहना सुरक्षित और सुविधाजनक नहीं लगता।
- विकास जैन, प्लॉट आवंटी

रात के समय सेक्टर सुनसान हो जाता है। खाली प्लॉटों में असामाजिक गतिविधियां होने से लोगों में डर बना रहता है। - प्रवीन गर्ग, स्थानीय निवासी

कई लोग सुविधाओं से परेशान होकर प्लॉट सरेंडर कर चुके हैं। विभाग को केवल नीलामी करने के बजाय सेक्टर को आबाद करने की ठोस योजना बनानी चाहिए। - बलराम गुप्ता, प्लॉट आवंटी
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