नूंह। जिला मुख्यालय स्थित लघु सचिवालय में चल रहे मरम्मत कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि भवन की वास्तविक मरम्मत करने के बजाय केवल औपचारिकता निभाई जा रही है। उनका कहना है कि जर्जर और उखड़े हुए पुराने प्लास्टर को हटाने की बजाय उसी पर सीमेंट का मसाला चढ़ाकर दरारों और टूट-फूट को ढका जा रहा है, जिससे निर्माण की मजबूती पर संदेह पैदा हो गया है।
लोगों का आरोप है कि तकनीकी मानकों के अनुसार कमजोर प्लास्टर हटाकर नया प्लास्टर किया जाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा। साथ ही प्लास्टर के बाद आवश्यक पानी की तराई (क्योरिंग) भी नहीं होने की शिकायत है। विशेषज्ञों के अनुसार क्योरिंग नहीं होने से प्लास्टर जल्दी उखड़ सकता है और दीवारों में दरारें आने की आशंका बढ़ जाती है। स्थानीय निवासी आसिफ, खलील अहमद एडवोकेट और ताहिर ने निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कर गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मांग की है। इस मामले में पीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता प्रदीप संधू ने कहा कि यदि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही पाई गई तो उसे तत्काल ठीक कराया जाएगा और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। संवाद