तावड़ू। राष्ट्रीय जलवायु और पर्यावरणीय न्याय मंच ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री और हरियाणा के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर अरावली के 10,000 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित जंगल सफारी परियोजना रद्द करने की मांग की है।
संगठन ने इसे अरावली पारिस्थितिकी, स्थानीय समुदायों के अधिकारों और देशी वन्यजीवों के लिए गंभीर खतरा बताया है। हरियाणा सरकार ने गुरुग्राम और नूंह में दुनिया का सबसे बड़ा क्यूरेटेड सफारी पार्क बनाने की योजना बनाई है, जिसमें होटल, रेस्टोरेंट, झीलें, मनोरंजन पार्क और सफारी क्लब शामिल हैं। मंच ने इसे व्यावसायिक पर्यटन केंद्रित बताते हुए ग्रामीणों की आजीविका और अधिकार प्रभावित होने का आरोप लगाया। संवाद