फिरोजपुर झिरका। एक ओर जिला प्रशासन लगातार बरसात और बाढ़ जैसे हालात को देखते हुए स्कूलों की छुट्टियां कर रहा है, वहीं दूसरी ओर नगर पालिका ने 19 लाख रुपये की लागत से पेंटिंग का काम शुरू करा दिया है। इसको लेकर लोगों में नाराजगी है और आरोप है कि बरसात में यह खर्च बेकार साबित होगा।
इस पेंटिंग के टेंडर को लेकर अधिकारियों के बयान एक-दूसरे से मेल नहीं खाते। नगर पालिका सचिव का कहना है कि कोई टेंडर जारी ही नहीं हुआ जबकि पालिका अभियंता का कहना है कि मई-जून में टेंडर छोड़ा गया था।
नगर पालिका की ओर से स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत शहर की मुख्य इमारतों पर स्लोगन पेंटिंग का काम कराया जा रहा है। लेकिन क्षेत्रवासियों ने इसे बरसात में धन की बर्बादी करार दिया है। उनका कहना है कि जहां बारिश और बाढ़ जैसे हालात हैं वहां लाखों रुपये खर्च कर कराई जा रही पेंटिंग जल्दी ही खराब हो जाएगी।
पूर्व प्रधान जय सिंह सैनी और सम्मी गांधी सहित कई लोगों ने नगर पालिका सचिव से मुलाकात कर इस काम को तत्काल बंद कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि 19-20 लाख रुपये की राशि पेंटिंग में खर्च करना सरकारी धन का दुरुपयोग है।
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बरसात के दिनों में किसी भी सड़क के नवनिर्माण का कार्य और किसी भी प्रकार की पेंटिंग का कार्य नहीं किया जाएगा। इसको लेकर पत्राचार अधिकारियों के साथ किया जा चुका है। टेंडर प्रक्रिया को लेकर किसी भी प्रकार की कोई जानकारी नहीं है। सरकार की राशि का किसी भी सूरत में दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा, अगर पेंटिंग हो रही है तो उसे तुरंत प्रभाव से बंद कराया जाएगा। -राजेश मेहता, सचिव नगर पालिका, फिरोजपुर झिरका
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इलाके में भारी बरसात के कारण किसी भी प्रकार की पेंटिंग का कार्य नहीं कराया जाएगा। इसके अलावा नई सड़कें भी नहीं बनाई जाएंगी। सचिव से बात कर पेंटिंग के टेंडर को रद्द किया जाएगा ताकि सरकार की राशि का दुरुपयोग न हो। -दिलबाग सिंह, जिला नगर आयुक्त, नूंह