पुन्हाना। उपमंडल के मुढैता गांव निवासी एक परिवार ने नूंह सीआईए स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि ढाई माह पहले पुलिसकर्मी घर से दो छात्रों को उठा ले गए और छोड़ने के एवज में ढाई लाख रुपये वसूले। मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब पीड़ित परिवार ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है। कोर्ट ने पिनगवां थाना प्रभारी से रिपोर्ट तलब की है और अगली सुनवाई तीन अक्तूबर को होगी।
मुहम्मद अतीक, निवासी मुढैता, ने अदालत में दायर याचिका में बताया कि 15 जून की शाम करीब साढ़े चार बजे सीआईए स्टाफ के पुलिसकर्मी टेकचंद उर्फ टेकी और 10–15 अन्य पुलिसकर्मी सिविल ड्रेस में तीन गाड़ियों से उनके घर पहुंचे। उनके पास हथियार थे। आरोप है कि घर में घुसते ही टेकचंद ने अतीक की 14 वर्षीय पोती मोईना के साथ गाली-गलौज की और थप्पड़ मारे। विरोध करने पर अतीक की पत्नी जुबेदा के साथ भी धक्का-मुक्की की गई। इसके बाद पुलिसकर्मी घर में लगे सीसीटीवी कैमरे की चिप निकालकर ले गए।
परिजनों का कहना है कि पुलिसकर्मी अतीक के दो पोत्र नाजिम (कक्षा 12वीं का छात्र) और मौसिम (बीए का छात्र) को बंदूक की नोक पर जबरन गाड़ी में डालकर सीआईए कार्यालय ले गए। गांव के कई लोगों ने इस घटना को होते देखा।
जब अतीक अपने पोतों को छुड़ाने सीआईए दफ्तर पहुंचे तो टेकचंद ने कथित रूप से धमकी दी कि यदि पैसे नहीं दिए गए तो दोनों छात्रों को झूठे गंभीर मुकदमों में फंसा दिया जाएगा। तीन लाख रुपये की मांग की गई, जिसके बाद अतीक ने उधार लेकर ढाई लाख रुपये का इंतजाम किया। पैसे देने के बाद ही उनके पोतों को छोड़ा गया। आरोप है कि जाते समय पुलिसकर्मी उनकी गाड़ी की चाबी और आरसी भी ले गए।
अतीक ने बताया कि उन्होंने 21 जून को इस संबंध में एसपी नूंह को शिकायत दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा 23 जून को डीएसपी हेडक्वार्टर ने उन्हें बुलाकर समझौते का दबाव बनाया। न्याय न मिलने पर उन्होंने अदालत का सहारा लिया।
याची पक्ष के वकील अख्तर हुसैन झारोखड़ी ने बताया कि कोर्ट ने पिनगवां थाना प्रभारी को रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। सुनवाई तीन अक्तूबर को होगी।