खेतों में उम्मीद की हरियाली, शहर पानी-पानी जलभराव ने निकासी व्यवस्था की खोली पोल
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार मानसून ने जिले में दमदार दस्तक दे दी। सीजन की पहली अच्छी बारिश ने जहां खेत-खलिहानों में नई उम्मीद जगा दी, वहीं शहर की सड़कों और बाजारों में जलभराव ने प्रशासन के दावों की हकीकत भी उजागर कर दी। एक ओर किसान बारिश को प्रकृति का वरदान मान रहे हैं तो दूसरी ओर शहरवासी पानी से लबालब सड़कों और जाम से जूझते नजर आए।
पिछले कई सप्ताह से बारिश नहीं होने के कारण किसान धान, बाजरा, ज्वार और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई को लेकर असमंजस में थे। खेतों में नमी नहीं होने से धान की रोपाई प्रभावित हो रही थी और किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे थे। मंगलवार को हुई झमाझम बारिश ने उनकी चिंता काफी हद तक दूर कर दी। अब किसानों को उम्मीद है कि धान की रोपाई और खरीफ फसलों की बुवाई रफ्तार पकड़ेगी।
खेती को मिला जीवनदान
बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी पहुंची है। जिन किसानों ने धान की नर्सरी तैयार कर रखी थी, उन्हें अब रोपाई शुरू होने की उम्मीद है। बाजरा, ज्वार, मूंग और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई के लिए भी मौसम अनुकूल हो गया है। किसानों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में भी नियमित बारिश होती रही तो इस बार अच्छी पैदावार की संभावना बढ़ जाएगी।
शहर में जलभराव ने बढ़ाई परेशानी
बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई, लेकिन शहर के लोगों के लिए मुसीबत बन गई। नूंह शहर के कई प्रमुख बाजारों, चौकों और निचले इलाकों में बारिश का पानी भर गया। कई स्थानों पर सड़कें तालाब जैसी दिखाई दीं। दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
बारिश ने खोली तैयारियों की पोल
मानसून से पहले नगर परिषद और संबंधित विभागों ने नालों की सफाई और जल निकासी के व्यापक दावे किए थे लेकिन पहली ही अच्छी बारिश में कई जगह पानी घंटों तक जमा रहा। इससे साफ हो गया कि जल निकासी व्यवस्था अभी भी पर्याप्त नहीं है। लोगों का कहना है कि यदि पहली बारिश में यह स्थिति है तो लगातार बारिश होने पर हालात और गंभीर हो सकते हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी भरे जोहड़ और तालाब
बारिश से गांवों के जोहड़, तालाब और छोटे जल स्रोतों में भी पानी पहुंचा है। इससे भूजल स्तर में सुधार की उम्मीद बढ़ी है। पशुपालकों और ग्रामीणों ने भी इस बारिश को राहत भरा बताया है।
खरीफ सीजन के लिए बारिश बेहद लाभदायक
कृषि विशेषज्ञ सुनील का मानना है कि खरीफ सीजन के लिए यह बारिश बेहद लाभदायक है, लेकिन अच्छी पैदावार के लिए पूरे मानसून के दौरान नियमित वर्षा जरूरी होगी। वहीं शहरवासियों को उम्मीद है कि प्रशासन पहली बारिश से सबक लेकर जल निकासी व्यवस्था में सुधार करेगा, ताकि आगामी बारिश में लोगों को जलभराव की समस्या का सामना न करना पड़े।