पुन्हाना। प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। नूंह जिले के बिछौर गांव निवासी हनीफ पुत्र रोशन ने अदालत में याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि योजना की पहली किस्त की राशि उसके खाते में आने के बजाय किसी अन्य व्यक्ति के खाते में डाल दी गई। इस मामले में पंचायत अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत बताई जा रही है।
हनीफ ने बताया कि वह बीपीएल परिवार से है और पक्का मकान नहीं होने के कारण उसने योजना के तहत आवेदन किया था। पंचायत की स्वीकृत सूची में उसका नाम शामिल हुआ और सात मार्च 2025 को 1,38,000 रुपये की मंजूरी मिली। इसमें से पहली किस्त के रूप में 45,000 रुपये जारी हुए, लेकिन यह राशि उसके खाते में न जाकर हनीफ पुत्र दीना, निवासी ग्राम पंचायत नवलगढ़ के खाते में 24 मई 2025 को डाल दी गई।
एडवोकेट रफीक खान ने बताया कि याचिका में आरोपियों के तौर पर खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी पुन्हाना, ग्राम पंचायत नवलगढ़ के सरपंच वीर सिंह, पंच असलम, पंचायत पटवारी नसीम अहमद, कंप्यूटर ऑपरेटर शाहबुद्दीन और इरशाद के नाम शामिल हैं। इन पर आरोप है कि सरकारी दस्तावेजों में हेरफेर कर राशि का गलत ट्रांसफर किया गया।
पीड़ित का कहना है कि जब वह जानकारी लेने कार्यालय गया तो असलम ने बताया कि उसका नाम सूची से हटा दिया गया है। जबकि पात्रता सूची में उसका नाम पहले से मौजूद था और बिना सूचना हटाना पूरी तरह फर्जीवाड़ा है।
हनीफ ने इस मामले की शिकायत थाना बिछौर प्रभारी, एसपी नूंह, सीएम हरियाणा, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नूंह, राज्य सतर्कता ब्यूरो गुरुग्राम, एडीसी नूंह और डीडीपीओ हरियाणा तक की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मजबूर होकर उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया।
याचिका में पीड़ित ने मांग की है कि धोखाधड़ी की जांच कर दोषियों को सख्त सजा दी जाए और उसकी योजना की राशि उसे वापस दिलाई जाए, ताकि वह अपने परिवार के लिए पक्का मकान बना सके।