मेडिकल स्टोरों की जांच तेज, बिना लाइसेंस दवा बेचने वाला भी पकड़ा गया
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। जिले में नशे के अवैध कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। मेडिकल स्टोरों पर हुई जांच में नियमों का उल्लंघन मिलने के बाद दो दवा विक्रेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जबकि 25 मेडिकल स्टोर संचालकों के दवा लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। इसके अलावा एक दवा विक्रेता बिना लाइसेंस के दवाओं की बिक्री करता मिला, जिसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की गई है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नशीली दवाओं की बिक्री और इनके अवैध कारोबार में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
जिला स्तरीय नारकोटिक्स समन्वय समिति की बैठक में उपायुक्त अखिल पिलानी ने अधिकारियों को मेडिकल स्टोरों की जांच का अभियान लगातार जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ कार्रवाई केवल नशीले पदार्थों की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उन माध्यमों पर भी नजर रखनी होगी, जहां से नशीली दवाओं की अवैध आपूर्ति हो रही है।
बैठक में जिले में मादक पदार्थों के अवैध निर्माण, बिक्री, सेवन और तस्करी की स्थिति की समीक्षा की गई। संदिग्ध गतिविधियों की पहचान, सूचनाओं के आपसी आदान-प्रदान और एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के प्रति लोगों को जागरूक करने पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्रवाई करने को कहा। प्रशासन अब नशे के खिलाफ अभियान का दायरा मेडिकल स्टोरों की जांच से आगे बढ़ाकर स्कूलों, कॉलेजों और ग्रामीण क्षेत्रों तक ले जाने की तैयारी में है।