तावड़ू। नूंह जिले के रोजका मेव थाना के अंतर्गत 15 अक्तूबर को पुलिस मुठभेड़ में मारे गए गो तस्कर शाहिद उर्फ आडवाणी के मामले की मजिस्ट्रेट जांच के तहत बृहस्पतिवार को गांव खरखड़ी के ग्रामीण और परिजन उपायुक्त के निर्देश पर गठित न्यायिक जांच कमेटी के अध्यक्ष उपमंडल मजिस्ट्रेट नूंह के समक्ष पेश हुए। परिजनों और ग्रामीणों ने मुठभेड़ को फर्जी बताते हुए इसे षड्यंत्र के तहत की गई हत्या करार दिया और नामजद आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।
परिजनों ने एसडीएम को एक लिखित शिकायत पत्र सौंपा, जिसमें कहा गया है कि 15 अक्तूबर को शाहिद उर्फ आडवाणी की पुलिस एनकाउंटर में मौत बताई गई, जबकि यह हत्या है। इस घटना में उनके ही गांव के 6 नामजद व्यक्तियों सहित अन्य लोग शामिल हैं। मृतक के भाई वहीद ने शिकायत दर्ज कराई है। एसडीएम से मुलाकात के बाद वहीद ने बताया कि वह इस मामले को लेकर डीएसपी, एसडीएम और डीसी से भी मिला है। उसने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले में पुलिस ने पैसा लिया है और पहले भी पुलिस के एक अधिकारी ने उसके भाई पर हमला किया था। परिजन ने कहा कि उसके पास वीडियो सहित कुछ साक्ष्य हैं और दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। वहीं ग्रामीण व रिटायर्ड मेजर खलील ने कहा कि पुलिस इसे एनकाउंटर बता रही है, लेकिन उनके अनुसार गांव के ही लोगों ने उसे मारा है। प्रशासन ने मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं, जिसके तहत बृहस्पतिवार को परिजन और ग्रामीण पेश हुए। संवाद