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Nuh News: फैमिली आईडी बनी पेंशन की राह में रोड़ा, 35 हजार लोगों की उम्मीद अटकी

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31 हजार से ज्यादा आवेदन पहले चरण में लंबित, 2,600 से अधिक डी-क्रीम स्तर पर अटके
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रिजवान खान
नूंह। जिले में जन्म प्रमाण पत्र और जन्मतिथि सत्यापन के करीब 35 हजार आवेदन लंबित पड़े हैं। सिस्टम में ''सत्यापन'' प्रक्रिया के कारण हजारों लोगों की जिंदगी की जरूरतें अधर में लटक गई हैं। इससे कई सरकारी योजनाओं के लाभ पर असर पड़ने की चिंता बढ़ गई है। लोग अपनी पेंशन और अन्य सुविधाओं के बंद होने से डरे हुए हैं।

लघु सचिवालय स्थित कार्यालय के बाहर सोमवार को ग्रामीणों की लंबी कतारें देखी गईं। लोग अपनी फाइलें लेकर अधिकारियों की तलाश में भटक रहे थे। कई आवेदक अपने पिछले आवेदनों की स्थिति जानने के लिए बार-बार कार्यालय के चक्कर लगा चुके हैं। यह प्रक्रिया करीब ढाई से तीन महीने पहले शुरू हुई थी। अतिरिक्त उपायुक्त ज्योति ने हालांकि लंबित आवेदनों की बात को नकारा है। उन्होंने कहा कि काम समय पर हो रहा है। लेकिन कार्यालय के बाहर लगी भीड़ कुछ और ही कहानी बयां कर रही थी। रोजाना 300 से अधिक लोग अपने आवेदनों की जांच के लिए यहां पहुंच रहे हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने पुलिसकर्मियों की ड्यूटी भी लगाई है।
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हजारों आवेदन लंबित, पहले चरण पर सबसे अधिक बोझ

विभागीय जानकारी के अनुसार, जिले में 31 हजार से अधिक आवेदन पहले स्तर पर लंबित हैं। यह कुल लंबित आवेदनों का सबसे बड़ा हिस्सा है। वहीं, डी-क्रीम स्तर पर भी करीब 2,600 से अधिक आवेदन अटके हुए हैं। अलग-अलग स्तरों पर लंबित आवेदनों की कुल संख्या लगभग 35 हजार तक पहुंच रही है। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि सत्यापन प्रक्रिया के शुरुआती चरणों में ही सबसे अधिक रुकावटें आ रही हैं। इस भारी बोझ के कारण आवेदनों का निपटारा धीमी गति से हो रहा है।



सरकारी योजनाओं पर असर की चिंता

परिवार पहचान पत्र में जन्मतिथि सत्यापन को कई महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं से जोड़ा गया है। इनमें लाडो लक्ष्मी योजना, बुजुर्ग पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, बौना भत्ता और निराश्रित पेंशन जैसी योजनाएं शामिल हैं। जन्मतिथि सत्यापन का संदेश मिलने के बाद लोगों में बेचैनी बढ़ गई है। खासकर बुजुर्ग, महिलाएं और जरूरतमंद परिवार चिंतित हैं। उन्हें डर है कि दस्तावेज के सत्यापित न होने से उनका सरकारी लाभ प्रभावित हो सकता है।
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सत्यापन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज

जन्म प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए आवेदक को पांच प्रमुख दस्तावेज जमा करने होते हैं। इनमें जन्म प्रमाण पत्र, दस साल पुराना पहचान पत्र, वैध पासपोर्ट, दसवीं की अंकतालिका और स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र शामिल हैं। साथ ही उपस्थिति रजिस्टर जैसे दस्तावेज भी मांगे जाते हैं। सत्यापन प्रक्रिया तीन स्तरों में पूरी होती है। पहले चरण में आवेदक मूल दस्तावेज के साथ पोर्टल पर आवेदन करता है। अधिकारी इसकी प्रारंभिक जांच करते हैं। इसके बाद फाइल डी-क्रीम के पास जाती है, जहां दस्तावेज की सत्यता जांची जाती है। अंतिम चरण में फाइल अतिरिक्त उपायुक्त के पास पहुंचती है और उनके निर्णय के बाद जन्मतिथि सत्यापित होती है।
हमारी पूरी कोशिश है कि लोगों को किसी भी तरह कि परेशानी ना हो इसके लिए व्यापक स्तर पर व्यवस्था की गई है।
- ज्योति, अतिरिक्त उपायुक्त नूंह

चार-पांच बार कार्यालय के चक्कर लगा चुका हूं। फैमिली आईडी में मृत्यु दर्ज होने के बाद पत्नी की पेंशन बननी है, भी तक समाधान नहीं हुआ।
- जाहुल हक, बिछोर अधिवक्ता

जन्मतिथि सत्यापन के लिए दो बार आ चुका हूं। डर है कि सत्यापन नहीं हुआ तो पेंशन प्रभावित हो सकती है।
- उमर मोहम्मद, फिरोजपुर नमक

पत्नी की जन्मतिथि सत्यापित कराने के लिए तीन-चार बार चक्कर लगा चुका हूं। दस्तावेज पूरे हैं, फिर भी काम नहीं हुआ।
- इस्माइल, सालाहेड़ी

दस्तावेज पूरे देने के बाद भी लोगों को बार-बार दफ्तर आना पड़ रहा है। लंबित आवेदनों का जल्द निपटारा होना चाहिए।
- हिदायत खान कमांडो
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