नूंह। निरंतर बारिश से बनी जलभराव की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने बाढ़ से बचाव की तैयारी तेज कर दी है। उपायुक्त अखिल पिलानी ने सोमवार को जिला सचिवालय में समीक्षा बैठक कर संबंधित विभागों की जिम्मेदारियां तय कीं। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में अधिक से अधिक पंप सैट लगाए जाएं, अधिकारी अपने स्टेशन पर रहें और अधीनस्थ स्टाफ को फील्ड में ड्यूटी पर लगाया जाए। वहीं, जिला स्तरीय कंट्रोल रूम बनाया गया है और एसडीएम नूंह को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
उपायुक्त ने कहा कि सभी एसडीएम अपने क्षेत्रों में ऐसे स्थान चिह्नित करें, जहां आपात स्थिति में लोगों और पशुओं को शिफ्ट किया जा सके। कोताही बरतने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
सभी एसडीएम को अपने-अपने कार्यालयों में कंट्रोल रूम स्थापित करने और जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। जनस्वास्थ्य, सिंचाई, लोक निर्माण, शहरी स्थानीय निकाय और पंचायत विभाग नियमित रूप से नालों व डिस्पोजल प्वाइंट का निरीक्षण करेंगे। स्वास्थ्य विभाग अस्पतालों में दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखेगा और स्टाफ को अलर्ट पर रखा जाएगा। पुलिस और अग्निशमन विभाग को भी तैयार रहने के निर्देश दिए गए।
शिक्षा विभाग को स्कूलों में जलभराव की रिपोर्ट तैयार कर उपायुक्त और संबंधित एसडीएम को देने के आदेश मिले। साथ ही स्कूलों में सरप्राइज विजिट और बच्चों-अध्यापकों की उपस्थिति जांचने को कहा गया।
जिले में जिला स्तरीय बाढ़ कंट्रोल रूम लघु सचिवालय की दूसरी मंजिल, कमरा नंबर-330 (जीआईएस लैब) में स्थापित किया गया है। इसका नंबर 01267-299625 है। इसकी नोडल अधिकारी एसडीएम नूंह अंकिता पुवार हैं।