फोटो - पुलिस गिरफ्त में आरोपी।
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। नाबालिग किशोरी से छेड़छाड़ और पीड़ित परिवार के साथ मारपीट के आठ साल पुराने मामले में नूंह की फास्ट ट्रैक स्पेशल पोक्सो अदालत ने एक आरोपी को दोषी करार देते हुए पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाते हुए 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार मामला वर्ष 2018 में थाना पिनगवां क्षेत्र के एक गांव का है। 6 जून 2018 की सुबह करीब साढ़े चार बजे 17 वर्षीय किशोरी घर से कूड़ा फेंकने गई थी। आरोप है कि रास्ते में गांव के दो युवकों ने उसके साथ अश्लील हरकत करते हुए उसे पकड़ने का प्रयास किया। किसी तरह बचकर किशोरी घर पहुंची और परिजनों को घटना की जानकारी दी।
शिकायत के बाद परिजन आरोपियों के घर पहुंचे तो अगले दिन आरोपियों सहित करीब एक दर्जन लोग लाठी-डंडों से लैस होकर उनके घर पहुंच गए और परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की। इस दौरान एक गर्भवती महिला को भी चोटें आईं और उसका गर्भपात हो गया।
5 अगस्त को अदालत ने एक आरोपी को दोषी करार दिया था। 11 अगस्त को सजा सुनाते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. आशु संजीव तिंजान ने पोक्सो एक्ट की धारा 10 के तहत पांच साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं भरने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।