नूंह। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा गंदगी मुक्त शहर बनाने के लिए चलाए जा रहे हरियाणा शहर स्वच्छता अभियान 2025 का जिला मुख्यालय नूंह में सिर्फ दिखावा बनकर रह गया है। अभियान का असर जमीनी स्तर पर नहीं दिख रहा, जबकि शहरवासियों को गंदगी से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर नजर आए। रविवार को की गई पड़ताल में अनेक खामियां सामने आईं।
नगर परिषद टीम द्वारा कचरा पृथक्करण, साफ-सफाई और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता का संदेश दिया जा रहा है। साथ ही अतिक्रमण न करने की अपील भी की जा रही है। गीले व सूखे कचरे को अलग रखने और रास्तों को अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए अतिक्रमण हटाओ अभियान भी चलाया गया।
सर्विस रोड व मुख्य हाईवे पर अवैध कब्जों पर कार्रवाई कर कुल सात चालान काटे गए और 3500 रुपये जुर्माना वसूला गया। लेकिन यह अभियान केवल औपचारिकता तक सीमित रहा। करीब पंद्रह दिन चलने वाले अभियान में प्रशासनिक अधिकारी और राजनीतिक लोग शामिल होने पर ही सफाई दिखती है, अन्यथा सफाईकर्मियों की लापरवाही साफ नजर आती है।
नालों का पानी सड़क पर
नालों की सफाई न होने और निकासी की खराब व्यवस्था के कारण बस स्टैंड के सामने लेंटर वाले रोड पर नाले ओवरफ्लो हो रहे हैं। दोपहर 1:09 बजे देखा गया कि नालियों का पानी सड़क पर बह रहा था, जिससे कीचड़ और बदबू के कारण दुकानदारों व लोगों को परेशानी हो रही थी।यह शहर के प्रमुख रास्तों में से एक है।
जगह-जगह कूड़े के ढेर
पलड़ी रोड, गोहरवाली चौक, नलहड़ मंदिर रोड, वार्ड-6 की मस्जिद वाली गली, बाल भवन के सामने, पुरानी अनाज मंडी, गोंदाराम चौक समेत कई जगहों पर 3:56 बजे से लेकर 4:15 बजे तक पड़ताल में कूड़े के ढेर मिले। आवारा पशुओं द्वारा कूड़ा बिखेर दिया गया था। ब्राह्मण मोहल्ले की गलियों में नालियों में जमा गंदगी से पानी रास्तों पर बह रहा था।
अतिक्रमण से हर रोड जाम
वाईएमडी कॉलेज से तावडू चौक, गौशाला रोड, मुख्य बाजार, पुरानी अनाज मंडी और बड़े मदरसे के पीछे वाली गली में अतिक्रमण के कारण रास्ते छोटे हो गए हैं। चार पहिया वाहन तो दूर, मोटरसाइकिल भी फंसी रहती है। अतिक्रमणकारियों को प्रशासन की कार्रवाई का कोई असर नहीं पड़ रहा।