ग्रामीणों ने विरोध करते हुए जताया रोष, विभाग से आंगनबाड़ी केंद्र की मरम्मत करने की मांग
रिजवान खान
नगीना। खंड के बलई गांव का आंगनबाड़ी केंद्र पिछले करीब 15 सालों से बदहाल है। इसकी ओर न तो जिम्मेदारों का ध्यान है न ही प्रशासन का। शनिवार को गांव के जिम्मेदार लोगों ने विरोध जताते हुए विभाग के खिलाफ अपना रोष प्रकट किया। ग्रामीणों का कहना है कि आंगनबाड़ी वर्कर न तो केंद्र पर आती हैं और न ही बच्चों को पढ़ाती हैं। बच्चों व लड़कियों को पौष्टिक आहार देने के नाम पर विभाग की आंखों में धूल झोंकी जा रही है।
आंगनबाड़ी केंद्र अनदेखी के कारण जर्जर होकर खत्म होने के कगार पर है। इसके दरवाजे और जंगले टूट चुके हैं तो वहीं दीवारों में भी दरार आ चुकी हैं। केंद्र के प्रांगण में घास है जो कीड़े मकोड़ों का घर बन चुकी है। केंद्र का शौचालय टूटकर गिरने वाला है।
ब्लॉक समिति मेंबर जुनैद, मोहम्मद हबीब, वसीम, असगर व तालीम सहित दर्जनों लोगों ने जानकारी देते हुए बताया कि आज तक गांव के लोगों ने आंगनबाड़ी वर्करों द्वारा बच्चों को अक्षर ज्ञान सीखने के लिए आंगनवाड़ी केंद्र ले जाते नहीं देखा।
कई बार दी जा चुकी है लिखित शिकायत
आंगनबाड़ी वर्कर नीलोखर ने बताया कि जर्जर भवन के बारे में कई बार विभाग को लिखित शिकायत दी जा चुकी है लेकिन अभी तक मरम्मत नहीं हो पाई है। हालांकि सरकार की तरफ से दी जाने वाली सामग्री को समय पर बांटा जा रहा है। उन्होंने बताया कि गांव में तीन आंगनबाड़ी वर्कर हैं जो निजी कमरे में रहकर बच्चों, गर्भवती महिलाओं व किशोरियों को पौष्टिक आहार वितरण करने का काम कर रही हैं।