मंडी में कई सौ बच्चों ने लिया रिहर्सल में हिस्सा, पीने के पानी तक की नहीं थी व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर नूंह की अनाज मंडी में सोमवार को विभिन्न स्कूलों के सैकड़ों बच्चों ने पीटी रिहर्सल में हिस्सा लिया लेकिन इस दौरान जिला प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए। इतनी बड़ी संख्या में बच्चों के जुटने के बावजूद कार्यक्रम स्थल पर पीने के पानी तक की उचित व्यवस्था नहीं की गई। गर्मी और उमस के बीच बच्चे पानी के लिए इधर-उधर भटकते नजर आए।
हालात यह रहे कि कई बच्चे कांवड़ियों के लिए लगाए गए पानी के टैंकरों और आढ़तियों की ओर से उपलब्ध कराए जा रहे पानी से अपनी प्यास बुझाते दिखाई दिए। बच्चों के साथ आए शिक्षकों और अभिभावकों ने भी व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व की तैयारियों के दौरान प्रशासन को सबसे पहले बच्चों की मूलभूत सुविधाओं का ध्यान रखना चाहिए था।
प्राथमिक उपचार की व्यवस्था भी नहीं
रिहर्सल में विभिन्न स्कूलों के कई सौ बच्चे शामिल हुए। इतनी बड़ी संख्या में बच्चों के एक स्थान पर मौजूद होने के बावजूद प्राथमिक उपचार के लिए मेडिकल टीम, एंबुलेंस या फर्स्ट एड की पर्याप्त व्यवस्था नजर नहीं आई। यदि रिहर्सल के दौरान किसी बच्चे की तबीयत बिगड़ जाती या कोई अप्रिय स्थिति पैदा होती तो तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में परेशानी हो सकती थी।
शिक्षकों का कहना था कि बच्चों को घंटों रिहर्सल करवाया जा रहा है, ऐसे में पीने का ठंडा पानी, छाया, प्राथमिक उपचार और अन्य जरूरी सुविधाएं पहले से उपलब्ध होनी चाहिए थी। प्रशासन की ओर से इन व्यवस्थाओं पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया।
स्वतंत्रता दिवस की तैयारी में ही अव्यवस्था
15 अगस्त के मुख्य समारोह की तैयारियों के लिए लगातार रिहर्सल कराई जा रही है। इसमें जिले के अलग-अलग स्कूलों के बच्चे देशभक्ति गीतों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और अन्य प्रस्तुतियों की तैयारी कर रहे हैं। बच्चों की मेहनत और उत्साह के बीच प्रशासनिक व्यवस्थाओं की कमी चर्चा का विषय बनी हुई है।
शिक्षविद व पूर्व जिला शिक्षा अधिकरी डॉ अब्दुल रहमान खान और शिक्षकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मुख्य समारोह से पहले सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाए, ताकि 15 अगस्त के दिन बच्चों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। विशेष रूप से पर्याप्त पेयजल, प्राथमिक उपचार, एंबुलेंस, छाया और बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
लोगों का कहना है कि जिस कार्यक्रम में जिले के सैकड़ों बच्चे भाग ले रहे हों, वहां पानी जैसी बुनियादी सुविधा का इंतजाम न होना जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
15 अगस्त की तैयारी को लेकर संबंधित विभागीय अधिकारियों की अलग अलग जिम्मेदारी व ड्यूटी लगाई हुई है। इस मामले में जिस किसी की भी लापरवाही पाई जाएगी उसे पर कार्रवाई की जाएगी। यह निश्चित तौर पर लापरवाही है।
-अखिल पिलानी डीसी नूंह