नूंह/फिरोजपुर झिरका। लहरवाड़ी गांव की 35 वर्षीय महिला मुबीना को 11 अगस्त की रात ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगाने का गंभीर आरोप वर पक्ष के लोगों पर लगाया गया है। गंभीर रूप से झुलसी मुबीना का इलाज जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में चल रहा था, जहां 29 अगस्त को उसकी मौत हो गई।
मृतका के पीछे तीन मासूम बच्चे रह गए हैं। घटना से पीड़ित परिवार और ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। मृतका के भाई और माहौली गांव के पूर्व सरपंच साकिर का आरोप है कि पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही और आरोपियों को बचाने का प्रयास हो रहा है। घटना को 21 दिन बीत जाने के बावजूद अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
इसी रोष में लहरवाड़ी और माहौली गांव के लोग सोमवार को नूंह पहुंचे और जिला पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार से मिलकर शिकायत सौंपी। ग्रामीणों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी सजा दिलाने की मांग की।
एसपी राजेश कुमार ने भरोसा दिलाया कि पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।