नई दिल्ली। जेएनयू में मंगलवार शाम को दशहरे के मौके पर एनएसयूआई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और सिक्किम के राज्यपाल दुष्यंत कुमार गौतम का प्रतीकात्मक तौर पर पुतला फूंका। साथ ही वोट चोर, गद्दी छोड़ के नारे लगाए गए। एनएसयूआई जेएनयू प्रदेश संयोजक अरुण प्रताप ने कहा कि 13 करोड़ नागरिकों को उनके मताधिकार से वंचित किया गया है। एसआईआर के नाम पर मतदाता सूची से हटाए गए नामों का पूरा ऑडिट हो और संबंधित मतदाताओं के नाम तत्काल दोबारा से जोड़े जाएं। इस मामले पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें। मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए पीएम और केंद्रीय गृह मंत्री जिम्मेदार है। साथ ही उत्तराखंड के अंकिता भंडारी मामले में भाजपा ने दुष्यंत कुमार गौतम को राज्यपाल बनाकर महिलाओं का अपमान किया है। जिसको लेकर पुतला जलाकर विरोध दर्ज कराया है। ब्यूरो