बसपा सांसद मलूक नागर (फाइल फोटो)
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तीस हजारी कोर्ट ने टीडीएस काटने के बावजूद आयकर विभाग के पास जमा न करने पर बसपा सांसद मलूक नागर के खिलाफ बृहस्पतिवार को गैर जमानती वारंट जारी किया।
कोर्ट ने उन्हें पेश होने के लिए समन जारी किया था लेकिन पेश नहीं होने पर उनके खिलाफ यह वारंट जारी किया गया। नागर दिल्ली की एक कंपनी मैसर्स एम्स सान्या डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड में निदेशक थे।
वह 2019 में यूपी की बिजनौर सीट से लोकसभा चुनाव जीतकर सांसद बने हैं। इस मामले में एक अन्य आरोपी रूप किशोर मदान की ओर से वकील ने पेश होकर छूट ले ली।
आयकर विभाग ने कंपनी, नागर व मदान के खिलाफ 2017 में कर चोरी की शिकायत दी थी। इन लोगों पर 2013-14 में 1.24 करोड़ की टीडीएस चोरी का आरोप है।