चार-पांच लड़कों ने बुधवार आधी रात को दी वारदात अंजाम
होटल मालिक साले का कुछ लोगों से था प्रॉपर्टी विवाद, बीचबचाव पड़ा भारी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
जामा मस्जिद का इलाका बुधवार आधी रात को गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा। चार-पांच लड़कों ने जामा मस्जिद के गेट नंबर-1 के पास मौजूद पुलिस चौकी के नजदीक एक होटल के बाहर गोलियां बरसाकर समीर (28) की हत्या कर दी। अमूमन देर रात तक भीड़भाड़ वाले इलाके में अचानक गोलीबारी से अफरातफरी मच गई।
पुलिस ने समीर को एलएनजेपी अस्पताल पहुंचाया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। क्राइम टीम के अलावा एफएसएल ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से पुलिस को हत्याकांड से जुड़े अहम सुराग मिले हैं। इसके आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। घटना के बाद से लोगों में भारी रोष है। लोगों ने पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
पुलिस के मुताबिक, समीर परिवार के साथ पुरानी दिल्ली के चितला गेट, चावड़ी बाजार इलाके में रहता था। परिवार में मां आलिया बेगम, छोटा भाई उमैर (17), पत्नी तूबा, ढाई व नौ माह की दो बेटियां है। समीर के जीजा काशिफ ने बताया कि तूबा के ताऊ के बेटे राजू का जामा मस्जिद गेट नंबर-1 के सामने या रब चला दे होटल और शाका गेस्ट हाउस है। समीर अपने रिश्ते के साले के साथ होटल पर ही काम कर रहा था। बुधवार देर रात को वह होटल पर मौजूद था। इस बीच चार-पांच लड़के पहुंचे और राजू से झगड़ा करने लगे। समीर ने बीचबचाव का प्रयास किया तो आरोपियों ने अचानक पिस्टल निकालकर गोलियां चला दीं। हमले में एक गोली समीर के सिर पर लग गई। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। शुरुआती जांच के बाद पुलिस को पता चला कि राजू का कुछ लोगों से प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा था। बुधवार रात को उसी सिलसिले में आरोपी वहां पहुंचे थे। झगड़े के दौरान समीर बीचबचाव करने लगा और उसकी हत्या कर दी गई।
अकेला कमाने वाला था समीर
आधी रात को बेटे को गोली लगने की खबर मिलने के बाद से समीर की मां आलिया बदहवास हो गईं। पहले वह भागकर घटनास्थल पर पहुंचीं तो पता चला कि बेटे को अस्पताल ले गए हैं। आलिया भागी-भागी अस्पताल पहुंची तो पता चला कि बेटे की मौत हो चुकी है। रोते-रोते आलिया ने बताया कि उनका कमाने वाला एक ही सहारा था। दूसरा बेटा तो अभी बहुत छोटा है और अभी पढ़ रहा है। समीर की मासूम दो बच्चियां हैं, उनका अब क्या होगा। एक परिजन ने बताया कि कई साल पहले समीर के पिता अमीरुद्दीन की मौत हो गई थी। बहुत छोटी से उम्र से समीर ने घर की जिम्मेदारी संभाल ली थी। 2019 में उसकी शादी हुई तो घर में खुशियां आईं। सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन समीर की मौत से पूरा परिवार बिखर गया है। परिजनों ने जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।